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Bajaj Auto Export पर सेमीकंडक्टर चिप की कमी का असर

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Thursday, November 27, 2025

Bajaj Auto

पूरी दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री आज जिस चुनौती का सामना कर रही है वो है Semiconductor Chip की कमी। चिप्स गाड़ियों के छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स पार्ट्स में होते हैं। हालात यहां तक ​​आ गए हैं कि चिप्स की कमी से लक्षित विनिर्माण समय पर पूरा नहीं हो रहा है और डिलीवरी भी नहीं हो रही है। इनकी वजह से Bajaj Auto जो कि भारत की लोकप्रिय ऑटो कंपनी है, वह भी असर पर है और वह भी अपना एक्सपोर्ट नहीं कर पा रही है।

उत्पादन और बिक्री पर असर

  • उत्पादन में गिरावट: जुलाई-सितंबर FY22 में सेमी-कंडक्टर की कमी से Bajaj Auto ने लगभग 50% कम उत्पादन किया था।
  • घरेलू बिक्री: साल 2021 के अक्टूबर में Bajaj Auto की बिक्री 26% से गिर कर 1,98,738 यूनिट हो गई थी जिसका सब से बड़ा कारण सेमीकंडक्टर की कमी थी।
  • एक्सपोर्ट पर दबाव: Bajaj Auto की आधी से ज्यादा प्रोडक्शन विदेशों में जाती है। चिप की कमी के कारण निर्यात वॉल्यूम घटने की संभावना बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चुनौतियाँ

  • सप्लाई चेन बाधित: वैश्विक स्तर पर चिप की कमी ने अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया जैसे बाजारों में बजाज की डिलीवरी प्रभावित की है।
  • प्रतिस्पर्धा बढ़ी: अन्य कंपनियाँ भी इसी संकट से जूझ रही हैं, लेकिन जिनके पास बेहतर सप्लाई चेन मैनेजमेंट है, वे मार्केट शेयर हासिल कर रही हैं।
  • ग्राहक अनुभव: समय पर डिलीवरी न होने से ग्राहकों में असंतोष बढ़ रहा है, जिससे ब्रांड इमेज पर असर पड़ सकता है।

कमी का कारण:

  • AI और टेक्नोलॉजी की मांग: जैसे जैसे एआई और उनसे संबंधित प्रौद्योगिकियों की मांग बढ़ रही है, हाईटेक डिवाइस में सेमी-कंडक्टर उद्योग की मांग को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, जिसकी वजह से ऑटोमोबाइल उद्योग को इनकी मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
  • वैश्विक संकट: 2020 में आने वाली पेंडेमिक स्थिति के बाद आपूर्ति श्रृंखला में असंतुलन हो गया है, साथ ही भू-राजनीति तनाव ने इस स्थिति को और भी बड़ा दिया है।

समाधान और भविष्य

  • लोकल सोर्सिंग: Bajaj Auto सेमी-कंडक्टर की कमी को लेकर कार्रवाई करने वाली है और वह भारत में ही चिप निर्माण के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती है।
  • डिजिटल इनोवेशन: चिप की कमी को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी निवेश वैकल्पिक प्रौद्योगिकियों पर भी कर रही है, साथ ही वह स्मार्ट सप्लाई चेन पर भी निवेश कर रही है।
  • दीर्घकालिक रणनीति: Bajaj Auto भारत सरकार के साथ मिलकर भारत को एक सेमीकंडक्टर हब बनाना की कोशिश कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की कोई दिक्कत न हो।

निष्कर्ष

सेमी-कंडक्टर की कमी से Bajaj Auto के बिजनेस पर काफी असर पड़ रहा है। इसकी वजह से कंपनी अपना प्रोडक्शन टाइम पर पूरा नहीं कर पा रही है। जिस से ना तो ये अपने ग्राहकों के वाहनों की डिलीवरी के समय पर कर पा रही हैं और ना ही अपने उत्पाद का निर्यात कर पा रही हैं। हालाँकि, यह अस्थायी मुद्दा है लेकिन इसने कंपनियों को सिखाया है कि भविष्य की स्थिरता के लिए आपूर्ति श्रृंखला विविधीकरण और स्थानीय विनिर्माण आवश्यक हैं।

Frequently Asked Questions:

1. सेमीकंडक्टर चिप की कमी क्या है?

सेमीकंडक्टर चिप्स छोटे इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स होते हैं जो वाहनों के इंजन कंट्रोल, ब्रेकिंग सिस्टम, डिजिटल डिस्प्ले और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को संचालित करते हैं। वैश्विक स्तर पर इनकी कमी ऑटोमोबाइल उत्पादन को प्रभावित कर रही है।

2. Bajaj Auto पर इसका असर कैसे पड़ा है?

चिप की कमी के कारण बजाज ऑटो को उत्पादन घटाना पड़ा, जिससे घरेलू बिक्री और एक्सपोर्ट दोनों प्रभावित हुए। खासकर अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में सप्लाई बाधित हुई।

3. क्या यह समस्या अस्थायी है?

हाँ, यह समस्या अस्थायी है। सरकार और उद्योग मिलकर भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। आने वाले वर्षों में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

4. Bajaj Auto इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है?

कंपनी सप्लाई चेन विविधीकरण, लोकल सोर्सिंग और डिजिटल इनोवेशन पर काम कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सके।

5. ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ा है?

ग्राहकों को समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही है, जिससे असंतोष बढ़ा है। हालांकि बजाज ऑटो लगातार वैकल्पिक समाधान खोज रही है ताकि ग्राहक अनुभव बेहतर हो सके।

6. क्या भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन शुरू हो रहा है?

हाँ, भारत सरकार ने Semiconductor Mission लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य देश को सेमीकंडक्टर हब बनाना है। इससे ऑटोमोबाइल कंपनियों को भविष्य में स्थिर सप्लाई मिलेगी।

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Toyota Fortuner DPF समस्याओं का समाधान: बेहतर माइलेज के लिए रीजन टिप्स

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, February 24, 2026

Toyota Fortuner DPF समस्या

Toyota Fortuner BS6 डीजल मॉडल्स में DPF (Diesel Particulate Filter) क्लॉग होना आम समस्या है, जो माइलेज को 8-10 kmpl तक गिरा देता है। यह ब्लॉग DPF रीजन, माइलेज बढ़ाने के तरीके और अन्य जरूरी टिप्स कवर करता है।​​

DPF क्या है और माइलेज पर असर?

डीपीएफ डीजल कालिख को फिल्टर करता है, लेकिन शॉर्ट ट्रिप्स में क्लॉग हो जाता है। DPF माइलेज कम करता है क्योंकि बैकप्रेशर बढ़ने से इंजन स्ट्रेस लेता है। नई फॉर्च्यूनर में भी 12-14 kmpl मिलना चाहिए, लेकिन डीपीएफ समस्या से 20% लॉस हो जाता है।​​

फॉर्च्यूनर माइलेज कम क्यों होता है?

मुख्य कारण: DPF क्लॉग, लो क्वालिटी डीजल, भारी वजन (2.2 टन), शहरी ड्राइविंग। 2.8L इंजन शहर में 9-10 kmpl देता है, हाईवे पर 14 kmpl। गलत टायर प्रेशर और ड्राइविंग स्टाइल भी 2 kmpl घटाते हैं।​

रीजन टिप्स: तेज रीजनरेशन के तरीके

हाईवे पैसिव रीजन: 70 kmph+ पर 25 मिनट लगातार चलाएं। रीजन तेज करने के लिए 2500-3000 RPM रखें, AC ऑफ।​

पार्क फोर्स्ड रीजन:

  • इंजन वार्म-अप (15 मिनट, 2000 RPM)
  • न्यूट्रल में 30-45 मिनट इडलिंग
  • OBD टूल से मॉनिटर करें

रीजन स्पीड-अप ट्रिक: 

डिफ्यूलर (AdBlue) टैंक भरा रखें, प्रीमियम डीजल यूज करें।​

रीजन प्रकारसमयRPMमाइलेज बूस्ट
पैसिव हाईवे20-30 मिनट2500++3 kmpl ​
फोर्स्ड पार्क45 मिनट2000+2-4 kmpl
सर्विस फोर्स्ड1 घंटाऑटो+4 kmpl ​

फॉर्च्यूनर माइलेज कैसे बढ़ाएं? (10+ टिप्स)

  1. प्रीमियम डीजल भरें (BPCL/IOCL XtraMile)
  2. टायर प्रेशर 38 PSI रखें (फुल लोड पर 42)
  3. हर 500 km पर हाईवे रन लें
  4. एयर फिल्टर हर 10,000 km बदलें
  5. 2000-2500 RPM पर गियर शिफ्ट करें
  6. लोड कम रखें (7-सीटर खाली न चलाएं)
  7. हेडलाइट्स LED में अपग्रेड करें (बैटरी लोड कम)

नतीजा: 10 kmpl → 14 kmpl संभव।​

माइलेज बूस्ट तरीकासुधार
डीपीएफ रीजन+3 kmpl
सही टायर प्रेशर+1.5 kmpl
प्रीमियम ईंधन+2 kmpl
हाईवे ड्राइव+4 kmpl ​

प्रिवेंटिव मेंटेनेंस: DPF लाइफ बढ़ाएं

हर 15,000 km DPF प्रेशर चेक। वार्निंग लाइट पर तुरंत रीजन करें। इंजेक्टर क्लीनिंग (₹8,000) सालाना करवाएं। DPF रिप्लेसमेंट (₹2.5 लाख) से बचें।​

Frequently Asked Questions:

डीपीएफ लाइट जलने पर क्या करें?

20 मिनट हाईवे रीजन ट्राई करें, फेल तो सर्विस जाएं।​

फॉर्च्यूनर का एवरेज कितना मिलना चाहिए?

शहर: 10-12 kmpl, हाईवे: 14-16 kmpl।​

रीजन से माइलेज कितना बढ़ेगा?

2-4 kmpl तुरंत सुधार।​

डीपीएफ हटवाना सुरक्षित है?

नहीं, PUC फेल और इंजन डैमेज।

माइलेज बूस्ट के लिए बेस्ट ईंधन?

प्रीमियम डीजल + ईथनॉल ब्लेंड।

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