जैसा कि हम देख सकते हैं, भारतीय IT Stocks की कीमत में फिलहाल गिरावट आ रही है। सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक, Infosys ने नए कर्मचारियों के लिए मूल वेतन में वृद्धि की है। कई लोगों के अनुसार, यह Infosys की भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। कृपया इसके बारे में और अधिक जानकारी दें।
भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख हितधारकों में टीसीएस, टेक महिंद्रा, विप्रो और इंफोसिस शामिल हैं। आईटी शेयर बाजार में हाल ही में दिसंबर में 1874 रुपये से गिरकर 1668 रुपये हो गया, जो शुरुआती गिरावट का संकेत देता है, जिसमें 12% से 18% की वृद्धि हुई है।
Infosys का आवास पैकेज क्या है?
Infosys में नए (फ्रेशर) इंजीनियरों के लिए वार्षिक सीटीसी पैकेज आमतौर पर ₹3.25 लाख से ₹4 लाख के बीच होता है, जिसमें आवास भत्ता, भोजन शुल्क और अन्य लाभ शामिल हैं। यह पैकेज बाजार दरों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी है और आईटी क्षेत्र में मंदी के बावजूद नए कर्मचारियों को भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित करता है। कंपनी ने हाल ही में कैंपस प्लेसमेंट में इसे बढ़ाया है।
यह बदलाव महत्वपूर्ण क्यों है?
शेयरों में गिरावट के बाद प्रोत्साहन पैकेज में बढ़ोतरी से इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या में मजबूती आएगी, खासकर उद्योग में छंटनी की खबरों के मद्देनजर। क्लाउड और एआई परियोजनाओं पर केंद्रित और दीर्घकालिक विकास के लिए आधार तैयार करने वाला यह दृष्टिकोण निवेशकों द्वारा सराहा जा रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
आईटी शेयरों में उछाल आने की उम्मीद है, लेकिन इंफोसिस के बायबैक (₹1,800 प्रति शेयर) और दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों पर नजर रखें। लॉज पैकेज जैसी पहलों से कंपनी की स्थिरता का पता चलता है। दीर्घकालिक निवेशक ₹1,700 से ₹1,800 प्रति शेयर के भाव का लक्ष्य रख सकते हैं।
अगर आप तकनीकी उद्योग से जुड़े हैं, तो आपने 2025 में Layoff के बारे में सुना या अनुभव जरूर किया होगा। जैसा कि हमने देखा, 2025 तकनीकी उद्योग में Layoff का साल था। लाखों लोग Layoff से जूझ रहे हैं क्योंकि उन्हें मासिक खर्च और EMI चुकानी है। आइए गहराई से समझते हैं कि यह छंटनी क्यों हो रही है और यह मध्यम वर्ग के तकनीकी पेशेवरों को कैसे प्रभावित कर रही है।
2025 में, तकनीकी उद्योग Layoff से बुरी तरह प्रभावित हुआ। टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और कुछ स्टार्टअप जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में लगभग 25 लाख कर्मचारियों ने अपनी नौकरी खो दी। इसके कुछ संभावित कारण नीचे दिए गए हैं:
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन: कंपनियां चैटजीपीटी, परप्लेक्सिटी जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्राथमिकता दे रही हैं और अपने संचालन को तेज करने के लिए कोडिंग, ग्राहक सहायता जैसे अधिकांश दैनिक कार्यों को स्वचालित करने का प्रयास कर रही हैं। इंफोसिस और टीसीएस जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों ने पहले ही 20,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
वैश्विक आर्थिक दबाव: छंटनी का एक और कारण अमेरिकी मंदी और उच्च ब्याज दरें हैं, जिसके चलते माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों को भारत में 10,000 से अधिक नौकरियां कम करनी पड़ीं।
अत्यधिक वेतन वृद्धि का प्रभाव: 2021-22 के दौरान फ्लिपकार्ट और स्विगी जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में अत्यधिक वृद्धि की। यह छंटनी का एक संभावित कारण भी हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप भारत में इन कंपनियों से 10,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया।
लाभ पर ध्यान: सीईओ अब अधिक लाभ कमाने और लागत में कटौती करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। इसी परिदृश्य में, अमेज़न इंडिया ने 5,000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी में कटौती की है।
भारत पर Layoff 2025 का गहरा असर
भारत तकनीकी केंद्र बनता जा रहा है और इस तरह की स्थिति हम सभी को प्रभावित कर रही है। 2025 में होने वाली Layoff का सबसे बुरा असर इस पर पड़ा है। 2025 में भारत के सिलिकॉन शहरों जैसे गुरुग्राम, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में बेरोजगारी दर 15% तक पहुंच गई है, जिससे नए कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे हैं। कुछ नए कर्मचारियों को कैंपस प्लेसमेंट नहीं मिल पा रहा है, जबकि कुछ के जॉइनिंग लेटर रद्द किए जा रहे हैं।
इस छंटनी से न केवल कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उनके परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें घर चलाना है। उन्हें किराया, चिकित्सा बिल और EMI का भुगतान करना है। यहां 2025 में छंटनी से प्रभावित शहरों का शहरवार डेटा दिया गया है।
स्टार्टअप्स का हाल और बुरा—Byju’s, Ola ने 50% स्टाफ निकाला।
Layoff 2025 से उबरने के 7 प्रैक्टिकल टिप्स
घबराएं नहीं, ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपनी नौकरी सुरक्षित कर सकते हैं और छंटनी के डर से बच सकते हैं:
अपने कौशल को अपडेट करें: अपने कौशल पर काम करें और उन्हें बेहतर बनाना शुरू करें। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्लाउड (AWS, Azure) जैसी चीजों पर भी ध्यान दें। आप Udemy, Coursera, LinkedIn Learning आदि प्लेटफॉर्म से इन कौशलों को अपडेट कर सकते हैं।
नेटवर्किंग: लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूदा रुझानों के साथ सक्रिय रहें।
फ्रीलांसिंग: फ्रीलांसिंग भी शुरू कर दें। ताकि अगर किसी कारणवश आपकी नौकरी चली जाए तो आपके पास आय का एक अतिरिक्त स्रोत हो।
गैर-तकनीकी नौकरियां: डेटा एनालिटिक्स और प्रोडक्ट मैनेजर जैसे कुछ गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी अपने कौशल को बढ़ाएं।
अतिरिक्त आय का जरिया: ब्लॉगिंग, यूट्यूब आदि जैसे अन्य तरीकों से आय अर्जित करें।
भविष्य: 2026 में क्या होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में छंटनी से राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्त करेंगी जिन्हें एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डेटा साइंस, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग आदि जैसे नवीनतम रुझानों का अच्छा ज्ञान हो। ऐसे उम्मीदवारों की मांग में 30% तक की वृद्धि होगी।