मनोरंजन जगत में Epic Games का बड़ा नाम है। इन्होंने फोर्टनाइट जैसे कई लोकप्रिय गेम विकसित किए हैं और साथ ही विभिन्न उद्योगों में इस्तेमाल होने वाला शक्तिशाली अनरियल इंजन भी बनाया है। हाल ही में Epic Games और Google के बीच चल रहा एंटीट्रस्ट मुकदमा इंटरनेट पर सुर्खियां बटोर रहा है। इस मुकदमे में एपिक गेम्स को गूगल को जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया है। आइए इस मामले की गहराई से पड़ताल करें और जानें कि एपिक गेम्स को जुर्माना अदा करने का आदेश क्यों दिया गया है।
मुकदमे की शुरुआत: Fortnite और Play Store का झगड़ा
यह सब 2020 में शुरू हुआ जब एपिक गेम्स ने अपने ग्राहकों तक पहुंचने के लिए प्ले स्टोर का इस्तेमाल किया। उसी दौरान एपिक गेम्स ने गूगल प्ले स्टोर के 30% शुल्क से बचने के लिए फोर्टनाइट गेम में अपना खुद का भुगतान तरीका जोड़ा। इस पर गूगल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फोर्टनाइट को प्ले स्टोर से हटा दिया। इसके बाद एपिक ने गूगल पर एंड्रॉइड ऐप बाजार में एकाधिकार चलाने का आरोप लगाते हुए एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर किया।
2023 में जूरी ने गूगल को दोषी पाया, लेकिन बाद में अदालत ने एपिक के अधिकांश दावों को खारिज कर दिया।
भुगतान की मुख्य वजह: लीगल फीस और कोर्ट कॉस्ट्स
ज्यूरी ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि एपिक गेम्स को गूगल को 80 मिलियन डॉलर का भुगतान करना होगा। इसमें गूगल के वकील की फीस और अन्य खर्च शामिल हैं।
- जज जेम्स डोनाटो ने कहा: एपिक के दावे कमजोर साबित हुए।
- अमेरिकी कानून में हारने वाले पक्ष को विजेता की लीगल कॉस्ट्स भरनी पड़ती हैं।
- पेमेंट Q2 2026 तक, अपील का ऑप्शन खुलेगा।
यही मुख्य कारण है कि एपिक गेम्स को गूगल को भुगतान करना पड़ता है।
गेमिंग इंडस्ट्री पर असर: डेवलपर्स और यूजर्स के लिए क्या?
इस फैसले से Play Store के नियम बदल सकते हैं, लेकिन एपिक को झटका लगा।
- डेवलपर्स को साइडलोडिंग आसान हो सकती है।
- कंज्यूमर्स को सस्ते इन-ऐप परचेज का फायदा।
- भारत में CCI जैसी बॉडीज गूगल पर नजर रखेंगी।
एपिक CEO टिम स्वीनी ने कहा, “फाइट जारी रहेगी!” लेकिन अभी भुगतान तय है।
आगे क्या? अपील और फ्यूचर अपडेट्स
एपिक अपील करने की तैयारी में है, जो 9वीं सर्किट कोर्ट में जाएगी। गूगल पर EU और US में और केस चल रहे हैं। Epic Games Google मुकदमा 2026 में और हॉट रहेगा।




