Afghanistan vs Sri Lanka: जाने किसका पलरा भारी रहा इस मुकेबल मुकाबले में!

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Friday, September 19, 2025

Afghanstan vs Sri Lanka

Asia Cup में Afghanistan vs Sri Lanka के बीच 11वें ग्रुप स्टेज में खेला गया। क्या मैच में दोनों ही टीम का बीच का टक्कर देखते ही बन रहा था। ये मैच अबु दाबी के जायद क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया था। आइए जानते हैं मैच की डिटेल और किस टीम का पलड़ा भारी था, यह मैच है मेरे साथ।

टॉस और पारी की शुरुआत

सुरुआत में Afghanistan की टीम ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। लेकिन उनका ये फैसला गलत साबित हो रहा था। मैच की शुरुआत में श्रीलंका की टीम ने अपनी बोलिंग से अफगानिस्तान पर दबाओ बना कर रखा। नुवान तुषारा ने अपनी गेंदबाजी से ना सिर्फ Afghanistan के बल्लेबाजों को परेशान किया बल्कि दर्शकों को भी बहुत मनोरंजन किया और महज 4 ओवर में 4 विकेट लिए वो भी सिर्फ 18 रन दे कर।

मोहम्मद नबी की विस्फोटक पारी

मैच की शुरुआत से ही अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति अच्छी नहीं थी। 18 ओवर में उनका स्कोर 120/7 था। तभी अफ़ग़ानिस्तान के मोहम्मद नवी क्रीज़ पर आए। उन्होंने मैच का रुख़ पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने सिर्फ़ 22 गेंदों में 60 रन बनाए, जिसमें आखिरी ओवर में लगाए गए 5 छक्के भी शामिल हैं। मोहम्मद नबी ने डुनिथ वेलालगे और चमीरा को मिला कर कुल 49 रन बनाए और अपनी इस अक्रमक पारी से टीम का कुल स्कोर 169/8 पाहुचा दिया।

श्रीलंका की रणनीतिक बल्लेबाज़ी

श्रीलंका की टीम जब बल्लेबाजी करने आई तो उनको अफगानिस्तान की तरफ से जीत के लिए 170 रनों का लक्ष्य मिला। वे लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम ने संयम और रणनीति का सबसे अच्छा उदाहरण पेश किया है। कुसल इंडीस ने टीम को जीत की तरफ ले जाते हुए टीम के लिए 74 रन बनाए और वो भी सिर्फ 52 गेंदें। अनहोन अफगानिस्तानी बेलर्स का बोहोत ही अच्छे से हैंडल किया खास तौर पर अपने डोनेशन और पुल के धारकों के निशाने पर।

कुसल मेंडिस ने अपनी पारी में कई छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साज़िशें लिखीं:

• पथुम निसांका के साथ 22 रन

• कुसल परेरा के साथ 45 रन

• कमिंडु मेंडिस के साथ 52 रन की भागीदारी

इन इंजिनियों ने श्रीलंका को 18.4 ओवर में 171/4 तक पीछे छोड़ा और 6 विकेट से जीत दर्ज की।

मैच का दुआराँ कोन से टर्निंग पॉइंट रहे:

मोहम्मद नबी ने आखिरी के 2 ओवर में जो आतिशबाज़ी की: अफगानिस्तान को मैच में वापसी का मौका मिला।

• थुशारा के शुरुआती विकेट: श्रीलंका ने अफगानिस्तान को शुरुआती संकेत दिए।

•  इंडिस की जीतो पारी: इंडोनेशिया की जीत की जीत।

मैन ऑफ द मैच:

कुसल मंडियों को उनके शानदार ओवर और पार्टनरशिप के लिए मैन ऑफ द मैन चुना गया। उन्हें बल्लेबाजी की वजह से अपनी टीम से उनकी टीमों का सुपर ओवर मुझ पर हावी हो गया।

स्कोरकार्ड झलक:

टीमस्कोरओवरविकेट
अफगानिस्तान169/820.08
श्रीलंका171/418.44

निष्कर्ष:

अफगानिस्तान बनाम श्रीलंका के इस टी20 मैच में डोनो ने अपना बेहतर प्रदर्शन किया है। अफगानिस्तान की बल्लेबाजी चुनने के लिए टीम थोरी देर के लिए लद्दाखई जरूर थी पर दूसरी तरफ, पारी ने अफगानिस्तान को एक मजबूत स्थिति में लेन में मदद की।

श्रीलंका ने शुरू से ही मैच में अपनी पकड़ बना रखी थी और पहले तो अपनी बोलिंग से अफगानिस्तान पर दबाव बना कर रखा फिर कुसल मेंडिस की पारी ने आखिर उनको जीत दिला ही दी।

इंडिन ने इस जीत के साथ ग्रुप स्टेज में 100% रिकॉर्ड कायम किया और सुपर फोर प्लेस में ली। वहीं अफगानिस्तान को एक और दिल तोड़ने वाली हार का सामना करना पड़ा।

NEXT POST

BCCI ने बढ़ाई Women Cricketers की फीस: अब समानता की नई शुरुआत!

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, December 23, 2025

BCCI

अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं और क्रिकेट मैच के रोमांच और उत्साह के दीवाने हैं, तो यह खबर आपके लिए है। BCCI ने Women Cricketers की दैनिक फीस बढ़ाकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम न केवल समानता की भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि महिला क्रिकेटरों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। हालांकि महिला क्रिकेट टीम पुरुष क्रिकेट टीम जितनी लोकप्रिय नहीं है, लेकिन वे अपने देश और टीम को जीत दिलाने के लिए उतना ही प्रयास करती हैं। तस्वीर में हरनाज़ कौर संधू चौके लगाती हुई और अपनी टीम के लिए खेलती हुई दिख रही हैं। अब उन्हें अपनी टीम के लिए किए गए प्रयासों का समान वेतन मिल रहा है। आइए इस निर्णय के बारे में विस्तार से जानते हैं।

हाल ही में, BCCI ने अपनी वार्षिक समीक्षा में यह पहल की है। उन्होंने भारतीय Women Cricketers की प्रति मैच फीस में 400% से 1000% तक की वृद्धि की है। पहले उन्हें प्रति मैच 1 लाख रुपये मिलते थे, अब उन्हें प्रति मैच 15 लाख रुपये मिलेंगे। एक दिवसीय मैचों के लिए उन्हें 5 से 12 लाख रुपये प्रति मैच और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए 3 से 10 लाख रुपये प्रति मैच मिलेंगे। इस बदलाव से उन्हें समानता का एहसास होगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “यह निर्णय महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए लिया गया है और हम चाहते हैं कि सभी भारतीय लड़कियां महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना देखें।”

यह कोई अचानक बदलाव नहीं है; महिला क्रिकेट टीम ने अपनी योग्यता साबित कर दी है। उन्होंने स्मृति मंदाना की कप्तानी में 2022 में एशिया कप जीता। 2023 में (महिला क्रिकेट लीग) WPL में उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाया और पहले ही सीज़न में मुंबई इंडियंस विजेता बनी, फिर 2024 में आरसीबी ने जीत हासिल की। ​​महिला क्रिकेट टीम की इन उपलब्धियों ने BCCI का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया और उन्हें पुरुष क्रिकेट टीम की तरह मानने पर मजबूर कर दिया।

महिला क्रिकेट में समानता का सफर: चुनौतियां और जीत

महिला क्रिकेट टीम का सफर आसान नहीं रहा, उन्होंने कई संघर्षों का सामना किया है। पहली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का गठन 1976 में हुआ था, लेकिन शुरुआत में वे किसी का ध्यान आकर्षित नहीं कर पाईं। 41 साल बाद, 2017 में, मैथिली राज की कप्तानी में फाइनल में पहुंचकर उन्होंने सभी क्रिकेट प्रेमियों, विशेष रूप से बीबीसीसीआई का ध्यान अपनी ओर खींचा। ऐसा नहीं है कि उन्होंने समान वेतन के लिए आवाज नहीं उठाई, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हरमीत कौर और जेमीमा हर रॉदग जैसी खिलाड़ियों ने पहले भी प्रयास किए थे। आखिरकार, इतने वर्षों का अनुभव और उनका संघर्ष रंग ला रहा है।

यह बदलाव न सिर्फ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों से नई प्रतिभाओं को मैदान पर लाएगा। WPL ने पहले ही साबित कर दिया कि महिलाओं का क्रिकेट दर्शकों को खींच सकता है – पहले सीजन में 90 मिलियन से ज्यादा व्यूअर्स थे। अब फीस बढ़ने से और अधिक निवेश होगा, जिससे स्टेडियम भरे रहेंगे।

भविष्य की संभावनाएं: WPL और इंटरनेशनल क्रिकेट

बीसीसीआई के इस फैसले से मौजूदा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे अगले सीज़न में महिला क्रिकेट टीम (डब्ल्यूपीएल) के खिलाड़ियों को एक और अवसर मिलेगा, उन्हें बड़े पैकेज मिलेंगे और वे डब्ल्यूपीएल में विदेशी खिलाड़ियों को आमंत्रित कर सकेंगे। BCCI का विज़न बिल्कुल स्पष्ट है, 2030 तक वे महिला क्रिकेट टीम को पुरुष क्रिकेट टीम के बराबर लाना चाहते हैं। बीसीसीआई महिला क्रिकेट टीम के साथ-साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार करने जा रहा है।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

खिलाड़ियों की खुशी का ठिकाना नहीं। स्मृति मंधाना ने ट्वीट किया, “यह सपनों को हकीकत में बदलने वाला कदम है!” फैंस सोशल मीडिया पर BCCI की तारीफ कर रहे हैं। #EqualPayForWomenCricket ट्रेंड कर रहा है। हालांकि, कुछ आलोचक कहते हैं कि अभी ग्रेड A+ कॉन्ट्रैक्ट्स में भी अंतर है, लेकिन BCCI ने वादा किया है कि अगले साल इसे ठीक करेंगे।

यह बदलाव भारतीय खेल संस्कृति को बदल देगा। क्रिकेट अब सिर्फ पुरुषों का खेल नहीं, बल्कि हर लिंग का उत्सव बनेगा।

Frequently Asked Questions:

1. BCCI ने महिला क्रिकेटरों की फीस कितनी बढ़ाई है?

टेस्ट के लिए 15 लाख, ODI के लिए 12 लाख, और T20I के लिए 10 लाख रुपये। यह पुरानी फीस से 400-1000% की बढ़ोतरी है।

2. यह बदलाव कब से लागू होगा?

2025 के आगामी सीरीज से, जिसमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच शामिल हैं।

3. पुरुष और महिला फीस में अभी अंतर क्यों है?

पुरुष टेस्ट फीस 45 लाख है, लेकिन BCCI धीरे-धीरे समानता ला रहा है। अगले साल पूर्ण समानता का लक्ष्य।

4. WPL पर इसका क्या असर पड़ेगा?

WPL में खिलाड़ी सैलरी बढ़ेगी, जिससे लीग और आकर्षक बनेगी और दर्शक संख्या बढ़ेगी।

5. अन्य देशों में ऐसी समानता कब आई?

ऑस्ट्रेलिया ने 2022 में पूर्ण समानता लागू की, जिसके बाद उनकी महिला टीम विश्व विजेता बनी।

Read More

NEXT POST

Loading more posts...