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Ashok Layland Stock Price: क्या यह तेजी की शुरुआत है?

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, September 8, 2025

Ashok Layland

Ashok Layland के स्टॉक्स की क्या है स्थिति। जाने क्या ये एक तेजी का मोमेंटम है?

भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के चेत्र में TATA के बाद जो नाम भरोसे से लिया जाता है वो है – Ashok Layland। Ashok Layland की स्थापना 1948 में हुई थी और पिछले कुछ सालों में कंपनी ने कमर्शियल वाहन के रूप में एक प्रमुख खिलाड़ी रही है और इनके साथ-साथ डिनो कंपनी के स्टॉक में भी उजल देखने को मिल रहा है। क्या उजाल की वजह से Ashok Layland ने बहुत सारे निवेशकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। आइए जानते हैं कि क्या ये मोमेंटम एक बुलिश है या कुछ और ही है।

स्टॉक की वर्तमान स्थिति और हालिया प्रदर्शन

कंपनी के स्टॉक ऊपर-नीचे होना एक आम बात है। पर हाल ही के दिनों में Ashok Layland ने मार्केट में एक अच्छा प्रदर्शन किया है। एवी मौजुदा स्टॉक्स की कीमत 137 रुपये तक पहुंच गई है। अगस्त में कंपनी के स्टॉक्स वैल्यू अपने कॉन्सेप्ट लेवल पर थी। उसके बाद कंपनी ने एक सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं कि क्या है इस तेजी के पीछे का राज – मजबूत वित्तीय नतीजे, रक्षा सेक्टर में विस्तार, और ऑटो सेक्टर में पोर्टफोलियो।

पैरामीटरआंकड़ा
मौजूदा प्राइस₹137
52 वीक हाई/लो₹137 / ₹95.93
मार्केट कैप₹78,276 करोड़
PE रेश्यो24.39
डिविडेंड₹6.25 (FY25)
2025 टारगेट₹150–₹160

तेजी के पीछे मुख्य कारण।

1.पहली तिमाही का वित्तीय परिणाम

Ashok Layland ने FY25 के Q1 रिजल्ट में ये दिखाया है कि तीन महीने में कंपनी का रेवेन्यू ₹11,708.54 करोड़ (साल-दर-साल 9.5% अधिक) रहा। कर पश्चात लाभ ₹657.72 करोड़ (वर्ष-दर-वर्ष 19.4% अधिक)। कमर्शियल वाहन की बिक्री 44238 यूनिट की हुई है। बाजार हिस्सेदारी में एमएचसीवी ट्रकों की मात्रा साल-दर-साल 2% बढ़ी, बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 30.7% हो गई। हल्के मोटर वाहनों की बिक्री भी सर्वकालिक उच्च है जिसकी 15566 इकाइयाँ हैं। इनका निर्यात 29% साल-दर-साल की वृद्धि दिखा है, जिसमें 3011 इकाइयां शामिल हैं।

2. रक्षा और ई-मोबिलिटी में विस्तार

कंपनी ने अपना निवेश डिफेंस की बस के एरिया में भी बढ़ाया है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ये कदम उठाया है।

3. Ashok Layland के शेयरों के तकनीकी संकेतक

MACD और EMA जैसे लोकप्रिय तकनीकी संकेतक आपके लिए एक मजबूत खरीद संकेत हैं। फ़िलहाल Ashok Layland का स्टॉक मूल्य 137 के आस-पास है और यहाँ ये एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन जान पर है।

कंपनी का ऐतिहासिक प्रदर्शन और निवेशकों की धारणा

डेटा की माने तो Ashok Layland ने पिछले 5 साल में 285% का कंपाउंड रिटर्न दिया है। कोविड में आई कंपनी के बाद, इसने बहुत अच्छा रिकवरी दिया है, जिसकी वजह से निवेशकों की नजर ने ये एक भरोसे मंद स्टॉक है। कंपनी के शेयर 2023 में गरबारिये जरूर अगले वित्तीय वर्ष (2024) में इस ने अच्छा कमबैक किया। हमारे बाद साल 2024 और 2025 में कंपनी ने अच्छा विकास दिखाया है।

“Ashok Layland का स्टॉक प्राइस केवल एक निवेश का अवसर नहीं है, बल्कि भारत के ऑटो सेक्टर की कहानी भी बताता है।”

क्या ये गति स्थिर है?

फंडामेंटल मजबूती

  • ROE: 28.8%
  • EPS: ₹5.46
  • EV/EBITDA: 11.08

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी की फंडामेंटल स्थिति मजबूत है। साथ ही, डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और इंटरनेशनल मार्केट में उपस्थिति इसे दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

सरकारी नीतियों का समर्थन

सरकार की नई इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और कंपनी का रक्षा क्षेत्र में निवेश, ये सब कंपनी के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण है।

निवेशकों के लिए सुझाव:

यदि आप एक लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो अशोक लेलैंड का स्टॉक आपके पोर्टफोलियो में एक स्थिर और ग्रोथ-ओरिएंटेड विकल्प हो सकता है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को वॉल्यूम और तकनीकी संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए।

लॉन्ग टर्म के लिए:

  • टारगेट: ₹150–₹160 (2025)
  • निवेश अवधि: 1–3 वर्ष
  • जोखिम स्तर: मध्यम

शॉर्ट टर्म के लिए:

  • वोलैटिलिटी: उच्च
  • सपोर्ट लेवल: ₹127
  • रेजिस्टेंस लेवल: ₹134

निष्कर्ष: क्या यह तेजी की शुरुआत है?

कंपनी के तकनीकी और बुनियादी आंकड़ों को देख कर ये कहा जा सकता है कि कंपनी के ये एक तेजी से शुरू हुई है। फिर भी बाज़ार के सम्मान पर ध्यान देना जरूरी है।
 

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US Tariff hike 15%: भारत और वैश्विक व्यापार पर 2026 का प्रभाव

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, February 23, 2026

USA hike tariff 15%

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10% से बढ़ाकर 15% tariff लगा दिया है। यह बदलाव भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को प्रभावित कर सकता है, खासकर निर्यातकों के लिए।

Tariff Hike का बैकग्राउंड

फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पुराने वैश्विक tariff को असंवैधानिक घोषित कर दिया। जवाब में व्हाइट हाउस ने 20 फरवरी को नया आदेश जारी किया, जिसमें सभी आयात पर अस्थायी 15% सरचार्ज लगाया गया। भारत पहले 25-50% tariff का सामना कर रहा था, जो अब MFN ड्यूटी के अतिरिक्त 15% हो गया।

यह कदम रूस से तेल खरीदारी और ब्रिक्स गतिविधियों पर दबाव बनाने के लिए है। कुल मिलाकर, भारत पर प्रभावी tariff 11-13% रहने का अनुमान है।​

भारत पर प्रभाव

भारत के 55% निर्यात (लगभग 87 अरब डॉलर) अब मानक MFN दरों पर लौट आएंगे, लेकिन स्टील, एल्यूमीनियम (50%) और ऑटो पार्ट्स (25%) पर सेक्शन 232 tariff बरकरार हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, पेट्रोलियम जैसे 40% उत्पाद छूट प्राप्त हैं।

सेक्टरप्रभाव
स्टील-एल्यूमीनियम50% tariff जारी, निर्यात घट सकता है ​
ऑटो पार्ट्सन्यूनतम असर, शेयर स्थिर ​
फार्मा-इलेक्ट्रॉनिक्सछूट बरकरार, कोई बदलाव नहीं
टेक्सटाइलसस्ता निर्यात संभव, लेकिन ट्रेड डील पर निर्भर ​

भारत-अमेरिका अंतरिम डील अप्रैल से लागू हो सकती है, जिसमें भारत को अमेरिकी सामान पर जीरो टैरिफ  की पेशकश है।​

वैश्विक व्यापार पर असर

यूरोपीय संघ और यूके ने चेतावनी दी है कि 15% टैरिफ  से ट्रेड डील खतरे में हैं। चीन पर अतिरिक्त फेंटेनिल tariff के साथ कुल बोझ बढ़ा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिसमें 175 अरब डॉलर की रिफंड की संभावना है।

भारत को फायदा: निर्यात विविधीकरण तेज होगा, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत। आर्थिक सर्वे 2026 में कहा गया कि संरचनात्मक सुधार ट्रंप प्रभाव को कम करेंगे।​

भारतीय निर्यातकों के लिए सलाह

निर्यातक नए tariff कैलकुलेटर का उपयोग करें और SEZ छूट का लाभ लें। यूनियन बजट 2026 में श्रम-गहन सेक्टर्स के लिए ड्यूटी-फ्री आयात बढ़ाए गए। ट्रेड थिंकटैंक GTRI सलाह देता है कि डील की समीक्षा करें।

Frequently Asked Questions (FAQs):

प्रश्न 1: भारत पर 15% यूएस tariff का कितना असर पड़ेगा?

जवाब: कुल 11-13% प्रभावी दर, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स छूट प्राप्त।​

प्रश्न 2: क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द हो जाएगी?

जवाब: नहीं, अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना, लेकिन शर्तें बदल सकती हैं।​

प्रश्न 3: किन भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे?

जवाब: टेक्सटाइल, स्टील (आंशिक), लेकिन रूस तेल पेनल्टी हटने से राहत।​

प्रश्न 4: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव?

जवाब: ट्रेड फॉग बढ़ेगा, यूरोप-चीन जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

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