कल जब माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने अपना नौवां Budget पेश किया, तो उन्होंने EV को एक नई दिशा दी। सरकार ने बैटरी की लागत कम करके, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करके और दुर्लभ खनिजों पर ध्यान केंद्रित करके इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक औद्योगिक शक्ति में बदलने के लिए कदम उठाए हैं। इसके कई लाभ हैं; पहला, इससे हम अपने पर्यावरण की स्थिति में सुधार कर सकते हैं और दूसरा, यह भारत को वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बनाने की एक नई रणनीति है।
EV क्रांति और बजट 2026
भारत में इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) का उपयोग शुरुआती चरण से आगे बढ़ चुका है और तेजी से आम होता जा रहा है। अकेले 2025 में ही देश में 20 लाख से अधिक ईवी बेची गईं और महानगरों में दोपहिया और तिपहिया वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। इस पृष्ठभूमि में, बजट 2026 यह आश्वासन देता है कि यह यात्रा केवल अपनाने तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत को विनिर्माण, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी के रूप में स्थापित करेगी।
Budget 2026 की प्रमुख घोषणाएँ
- पूंजीगत व्यय में वृद्धि: रसद और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी।
- बैटरी की लागत में कमी: घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने और इनपुट कीमतों में कटौती के लिए विशेष उपाय किए गए हैं।
- दुर्लभ खनिज पदार्थों पर ध्यान: इलेक्ट्रिक वाहनों के इंजन और बैटरी के लिए आवश्यक चुंबक और खनिजों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु, ओडिशा, केरल और आंध्र प्रदेश में दुर्लभ खनिज गलियारों की स्थापना की गई है।
- पीएम ई-ड्राइव योजना: बैटरी उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बेहतर बनाने के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- पीएलआई योजना का विस्तार: बैटरी और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए।
भारत की ईवी यात्रा पर असर
- विनिर्माण क्षमता: अब लक्ष्य केवल बिक्री पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय भारत को इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
- रोजगार सृजन: बैटरी विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में निवेश से लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता: स्थानीय खनिजों से बैटरी उत्पादन बढ़ेगा और आयातित तेल पर निर्भरता कम होगी।
- पर्यावरण को लाभ: भारत अपने नेट-ज़ीरो लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त कर लेगा और शहरी प्रदूषण में कमी आएगी।
निष्कर्ष
Budget 2026 भारत की ईवी यात्रा को केवल उपभोक्ता स्तर पर नहीं, बल्कि औद्योगिक और रणनीतिक स्तर पर आकार देता है। यह बजट भारत को न सिर्फ़ ईवी अपनाने वाला देश बल्कि ईवी बनाने वाला वैश्विक नेता बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।



