आईटी उद्योग में सौदे अक्सर होते रहते हैं, लेकिन कुछ सौदे ऐसे होते हैं जिन्हें उद्योग के सबसे बड़े सौदों में गिना जाता है। हाल ही में कोफ़ोर्ज ने एनकोरा को 2.35 अरब डॉलर में अधिग्रहित किया है। इसके अलावा, यह कथित तौर पर आईटी उद्योग में अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। आइए अब इस Coforge–Encora सौदे का विस्तार से विश्लेषण करें।
Coforge एनकोरा अधिग्रहण की सच्ची कहानी।
कोफ़ोर्ज ने 25 दिसंबर, 2025 को अमेरिका स्थित एनकोरा थेरेप्यूटिक्स के 2.35 अरब डॉलर के अधिग्रहण की औपचारिक घोषणा की। इस नकद और शेयर लेनदेन में कोफ़ोर्ज 70% नकद और 30% शेयरों में भुगतान करेगा। पिछले पांच वर्षों में, डिजिटल परिवर्तन, क्लाउड कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित कंपनी एनकोरा का विस्तार 300% हुआ है।
कोफ़ोर्ज के लिए यह समझौता क्रांतिकारी है। यह कंपनी, जो कभी एचसीएलटेक की सहायक कंपनी थी, अब इनोडेन समूह का हिस्सा है और इस अधिग्रहण के परिणामस्वरूप उत्तरी अमेरिका में अग्रणी कंपनी बन जाएगी। कोफ़ोर्ज का बाज़ार पूंजीकरण 15 अरब डॉलर से अधिक है। ज़रा सोचिए, दस साल पहले एक छोटी सी कंपनी आज इंफोसिस और टीसीएस जैसी आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के सामने खड़ी है।
आईटी उद्योग में यह सौदा ऐतिहासिक क्यों है?
आईटी उद्योग में विलय और अधिग्रहण कोई नई बात नहीं है, लेकिन कोफ़ोर्ज द्वारा किया गया 2.35 बिलियन डॉलर का एनकोरा सौदा इतना उल्लेखनीय क्यों है?
• रिकॉर्ड तोड़ मूल्य: Mphasis द्वारा 1 बिलियन डॉलर में IT अधिग्रहण ने पिछला रिकॉर्ड बनाया।
• रणनीतिक तालमेल: Encora के 8,000 से अधिक ग्राहकों, जिनमें Fortune 500 कंपनियां भी शामिल हैं, की बदौलत Coforge AI/ML और GenAI में अग्रणी बन जाएगी।
• बाजार का सही समय: 2025 के अंत में, जब अमेरिका में मंदी की आशंका है, यह सौदा आत्मविश्वास दर्शाता है। Nasdaq और BSE में Coforge के शेयरों में 12% की वृद्धि देखी गई।
• वैश्विक विस्तार: Encora के 25,000 कर्मचारियों और अमेरिका/यूरोप में स्थित कार्यालयों की बदौलत Coforge में कर्मचारियों की संख्या 100,000 से अधिक हो जाएगी।
| Parameter | Coforge (Pre-Deal) | Encora | Post-Merger Projection |
| Revenue (FY26) | $2.1B | $1.2B | $4B+ |
| Employees | 75,000 | 25,000 | 1,00,000+ |
| Key Markets | India, APAC | US, Europe | Global Leader |
| AI Focus | Emerging | Mature | Top 3 in GenAI |
ये टेबल क्लियर दिखाती है कि ये merger सिर्फ नंबर्स नहीं, बल्कि सुपरपावर क्रिएशन है।
दोनों कंपनियों की पृष्ठभूमि: उत्थान की कहानी
कोफ़ोर्ज का इतिहास: 1992 में एनआईआईटी के रूप में स्थापित, इसने 2017 में अपना नाम बदल लिया। यह अब 2 अरब डॉलर से अधिक राजस्व वाली एक डिजिटल सेवा निगम है। सीईओ सुधीर सिंह के नेतृत्व में, यह स्वास्थ्य सेवा और बीएफएसआई क्षेत्र में अग्रणी बन गया है।
एनकोरा के लाभ: 2002 में स्थापित, इसे 2022 में थोमा ब्रावो ने अधिग्रहित कर लिया। यह एआई और क्लाउड विशेषज्ञ है जिसके ग्राहकों में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट शामिल हैं। इसकी “इनसाइट एज़ अ सर्विस” पद्धति क्रांतिकारी साबित हुई है।
दोनों संस्कृतियों, जो वैश्विक, नवोन्मेषी और भारत में निहित हैं, का आपस में गहरा संबंध है। अधिग्रहण के बाद एनकोरा के संस्थापक कोफ़ोर्ज के बोर्ड के सदस्य बनेंगे।
आईटी क्षेत्र पर प्रभाव: इसके क्या फायदे हैं, क्या चुनौतियां हैं?
कोफोर्ज एनकोरा के इस अधिग्रहण से आईटी उद्योग में क्या बदलाव आएंगे?
लाभ:
• ग्राहकों में वृद्धि: बड़े ग्राहकों को संपूर्ण एआई समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। जेन एआई की मांग में 40% की वृद्धि का अनुमान है।
• नैसकॉम के अनुसार, भारत का आईटी क्षेत्र 2026 तक 300 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इन लेन-देन से छोटे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
• लाभांश भुगतान में 50% की वृद्धि और जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों द्वारा “खरीदें” रेटिंग से शेयरधारक उत्साहित हैं।
चुनौतियां:
• एकीकरण जोखिम: 100,000 कर्मचारियों को एक साथ लाना कठिन है। विभिन्न संस्कृतियों के बीच टकराव हो सकता है।
• मंदी का खतरा: क्या अमेरिका में आईटी क्षेत्र में चल रही छंटनी को देखते हुए यह समझौता टिक पाएगा?
• नियामक बाधाएं: अमेरिकी एफटीसी और सीसीआई की अनुमति अभी लंबित है।
फिर भी, गार्टनर के विश्लेषकों जैसे विशेषज्ञ इसे “दशक का सर्वश्रेष्ठ आईटी विलय” कह रहे हैं।
भविष्य की झलकियाँ: कोफ़ोर्ज नेक्स्ट चैप्टर
विलय के बाद कोफ़ोर्ज स्थिरता, क्वांटम कंप्यूटिंग और जेनएआई पर ध्यान केंद्रित करेगी। 2030 तक 10 अरब डॉलर का राजस्व हासिल करने का लक्ष्य है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो यह सौदा इंफोसिस और टाटा जैसी उद्योग जगत की दिग्गज कंपनियों के लिए खतरा बन सकता है।





