HAL Share Price: आज क्यू आई शेयर मी तेजी और क्या ये लॉन्गटर्म के लिए अपने पोर्टफोलियो में ऐड कर सकते हैं?

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, November 24, 2025

HAL

Hindustan Aeronautic Limited (HAL)  रक्षा क्षेत्र का एक जाना-माना नाम है और निवेशक जिनके लिए रक्षा क्षेत्र हमेशा से एक आकर्षण बना हुआ है उनके लिए ये एक जाना माना नाम है। HAL इंडिया की रक्षा विनिर्माण और विमानन प्रौद्योगिकी का एक चेहरा बन चुका है। हाल ही में कुछ ऐसी घटना हुई हैं जैसे कि Tejas Fiter Jet Crash और GE Engine डील जिसकी वजह से भारतीय शेयर बाजार में काफी उत्तर चदाओ का माहौल देखने को मिला है, इन्ही उतर चढाओ के बीच से एक सवाल निकल कर आता है कि क्या HAL के शेयरों को लॉन्ग टर्म के लिए अपने पोर्टफोलियो में जोड़ा जा सकता है?

तेजस दुर्घटना के कारण HAL के शेयर मूल्य पर प्रभाव

नवंबर 2025 में होने वाले दुबई एयर शो के दौरान Tejas Fiter Jet का जो क्रैश हुआ उसके कारण HAL के शेयर प्राइस में 8% तक की गिरावट देखने को मिली, क्यों की वो फाइटर जेट HAL के द्वार निर्मित था। हालाँकि, अगर विश्लेषक की माने तो उनका कहना है कि ये एक अल्पकालिक गिरावट है, इसकी वजह से HAL के दीर्घकालिक विकास पर कोई भी असर नहीं पड़ने वाला है।

तेजी का कारण: GE Engine Deal और डिफेंस सेक्टर की मांग

हाल में HAL ने Generat Electric (GE) के साथ जो 113 एलसीए एमके1ए जेट इंजन की सप्लाई को ले कर जो कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है उसकी वजह से HAL के शेयर में 3.5% की तेजी देखने को मिली है। भारत सरकार की लगतर मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की पहल के तहत भारतीय रक्षा क्षेत्र मजबूत हो रहा है और भविष्य में HAL के पास तेजस फाइटर जेट या हेलीकॉप्टर के लिए निर्यात ऑर्डर आना की संभावनाएं भी हैं।

प्रौद्योगिकी विश्लेषण:

  • शेयर ने हाल ही में 4200–4400 के बीच सपोर्ट और रेजिस्टेंस बनाया है।
  • शॉर्ट-टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है, खासकर जब तक Tejas Crash Investigation पूरी नहीं होती।
  • लॉन्ग-टर्म चार्ट्स बताते हैं कि HAL अभी भी Bullish Trend में है और डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ इसे सपोर्ट करती है।

लॉन्गटर्म इन्वेस्टमेंट पॉइंट्स

  1. डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ: भारत की डिफेंस बजट हर साल बढ़ रही है। HAL को इससे सीधा फायदा मिलेगा।
  2. Export Potential: HAL के Tejas और Helicopters के लिए विदेशों से भी डिमांड बढ़ रही है।
  3. Government Backing: Being a PSU, HAL को सरकार का सीधा सपोर्ट मिलता है।
  4. Strong Order Book: GE Deal और अन्य प्रोजेक्ट्स से HAL की ऑर्डर बुक मजबूत है।
  5. Dividend Yield: HAL अपने निवेशकों को अच्छा डिविडेंड भी देता है, जिससे लॉन्गटर्म होल्डिंग और आकर्षक बनती है।

निवेशकों के लिए मानवीय दृष्टिकोण

अगर आप एक दीर्घकालिक निवेशक हैं तो आपको अपना शेयर केवल डेटा और आँकड़े आधार पर ही नहीं बल्कि मजबूत विश्वास और धैर्य के आधार पर भी चुनना होगा। अगर आप HAL जैसी कंपनी में निवेश करते हैं तो इसका मतलब यह है कि आप भारत की ग्रोथ में निवेश कर रहे हैं। अगर आप एक अल्पकालिक निवेशक हैं तो आपके लिए शेयर बाजार में होने वाली अस्थिरता से सावधान रहना होगा, वहीं अगर आप एक दीर्घकालिक निवेशक हैं तो आपके लिए HAL एक महत्वपूर्ण और लाभदायक शेयर साबित हो सकता है।

निष्कर्ष:

HAL का शेयर प्राइस शॉर्ट टर्म में तेजस क्रैश की वजह से प्रभावित हुआ था पर लॉन्ग टर्म में डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ, जीई डील और सरकार का सपोर्ट इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बना रहा है।

Frequently Asked Questions:

1. HAL का शेयर आज क्यों बढ़ रहा है?

HAL के शेयर में तेजी का मुख्य कारण हाल ही में GE Engine Deal है, जिसमें कंपनी को 113 LCA Mk1A Jet Engines सप्लाई करने का बड़ा ऑर्डर मिला है। इसके अलावा भारत सरकार की डिफेंस सेक्टर में बढ़ती फंडिंग भी शेयर को सपोर्ट कर रही है।

2. Tejas Fighter Jet Crash का HAL के शेयर पर क्या असर पड़ा?

Dubai Air Show में Tejas Fighter Jet क्रैश होने से शॉर्ट-टर्म में शेयर पर दबाव आया और इसमें गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, एनालिस्ट्स का मानना है कि यह एक isolated incident है और लॉन्गटर्म ग्रोथ पर इसका बड़ा असर नहीं होगा।

3. क्या एचएएल लॉन्गटर्म निवेश के लिए सही विकल्प है?

हाँ, एचएएल लॉन्गटर्म निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प है।
डिफेंस सेक्टर की ग्रोथ
सरकार का सपोर्ट
मजबूत ऑर्डर बुक
अच्छा डिविडेंड यील्ड
ये सभी फैक्टर्स इसे लॉन्गटर्म पोर्टफोलियो में शामिल करने लायक बनाते हैं।

4. एचएएल का शेयर किस प्राइस रेंज में ट्रेड कर रहा है?

हाल ही में एचएएल का शेयर ₹4200–₹4400 के बीच सपोर्ट और रेजिस्टेंस बना रहा है। शॉर्ट-टर्म में वोलैटिलिटी रह सकती है, लेकिन लॉन्गटर्म ट्रेंड अभी भी बुलिश है।

5. क्या एचएएल के शेयर में शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग करनी चाहिए?

शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग करने वालों के लिए एचएएल में वोलैटिलिटी का रिस्क है। अगर आप risk-averse हैं तो लॉन्गटर्म होल्डिंग बेहतर है। लेकिन अगर आप active trader हैं तो टेक्निकल लेवल्स पर ध्यान देकर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग कर सकते हैं।

6. एचएएल का डिविडेंड कितना आकर्षक है?

एचएएल अपने निवेशकों को नियमित रूप से अच्छा डिविडेंड देता है। यह लॉन्गटर्म निवेशकों के लिए एक अतिरिक्त फायदा है, क्योंकि इससे passive income भी मिलती है।

7. क्या एचएएल के शेयर में विदेशी निवेशकों की रुचि है?

हाँ, एचएएल के Tejas Fighter Jet और Helicopters के लिए विदेशों से भी डिमांड बढ़ रही है। इससे कंपनी की export potential मजबूत होती है और विदेशी निवेशकों की रुचि भी बढ़ती है

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Layoff 2025: भारत में टेक जॉब्स पर सबसे बड़ा संकट

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Friday, January 2, 2026

Layoff

अगर आप तकनीकी उद्योग से जुड़े हैं, तो आपने 2025 में Layoff के बारे में सुना या अनुभव जरूर किया होगा। जैसा कि हमने देखा, 2025 तकनीकी उद्योग में Layoff का साल था। लाखों लोग Layoff से जूझ रहे हैं क्योंकि उन्हें मासिक खर्च और EMI चुकानी है। आइए गहराई से समझते हैं कि यह छंटनी क्यों हो रही है और यह मध्यम वर्ग के तकनीकी पेशेवरों को कैसे प्रभावित कर रही है।

Layoff 2025 क्यों हुआ? मुख्य कारण

2025 में, तकनीकी उद्योग Layoff से बुरी तरह प्रभावित हुआ। टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और कुछ स्टार्टअप जैसी कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में लगभग 25 लाख कर्मचारियों ने अपनी नौकरी खो दी। इसके कुछ संभावित कारण नीचे दिए गए हैं:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालन: कंपनियां चैटजीपीटी, परप्लेक्सिटी जैसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को प्राथमिकता दे रही हैं और अपने संचालन को तेज करने के लिए कोडिंग, ग्राहक सहायता जैसे अधिकांश दैनिक कार्यों को स्वचालित करने का प्रयास कर रही हैं। इंफोसिस और टीसीएस जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों ने पहले ही 20,000 से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।
  • वैश्विक आर्थिक दबाव: छंटनी का एक और कारण अमेरिकी मंदी और उच्च ब्याज दरें हैं, जिसके चलते माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी कंपनियों को भारत में 10,000 से अधिक नौकरियां कम करनी पड़ीं।
  • अत्यधिक वेतन वृद्धि का प्रभाव: 2021-22 के दौरान फ्लिपकार्ट और स्विगी जैसी कंपनियों ने कर्मचारियों के वेतन में अत्यधिक वृद्धि की। यह छंटनी का एक संभावित कारण भी हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप भारत में इन कंपनियों से 10,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया।
  • लाभ पर ध्यान: सीईओ अब अधिक लाभ कमाने और लागत में कटौती करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों की छंटनी हो रही है। इसी परिदृश्य में, अमेज़न इंडिया ने 5,000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी में कटौती की है।

भारत पर Layoff 2025 का गहरा असर

भारत तकनीकी केंद्र बनता जा रहा है और इस तरह की स्थिति हम सभी को प्रभावित कर रही है। 2025 में होने वाली Layoff का सबसे बुरा असर इस पर पड़ा है। 2025 में भारत के सिलिकॉन शहरों जैसे गुरुग्राम, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में बेरोजगारी दर 15% तक पहुंच गई है, जिससे नए कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे हैं। कुछ नए कर्मचारियों को कैंपस प्लेसमेंट नहीं मिल पा रहा है, जबकि कुछ के जॉइनिंग लेटर रद्द किए जा रहे हैं।

इस छंटनी से न केवल कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि उनके परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें घर चलाना है। उन्हें किराया, चिकित्सा बिल और EMI का भुगतान करना है। यहां 2025 में छंटनी से प्रभावित शहरों का शहरवार डेटा दिया गया है।

शहरअनुमानित लेऑफ्स (2025)प्रभावित कंपनियां
Bengaluru80,000+Google, Infosys
Hyderabad50,000+Microsoft, Amazon
Pune30,000+Barclays, Barclays
Gurugram25,000+Flipkart, Paytm

Tech Layoffs India 2025: टॉप प्रभावित कंपनियां

कुछ बड़ी हिट्स:

  • Google: 12,000 ग्लोबल लेऑफ्स, भारत में 2,000।
  • Microsoft: Azure टीम पर फोकस, 1,500 कट।
  • Intel: चिप मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट, 1,000+।
  • भारतीय दिग्गज: TCS (15k), Wipro (10k), HCL (8k)।

स्टार्टअप्स का हाल और बुरा—Byju’s, Ola ने 50% स्टाफ निकाला।

Layoff 2025 से उबरने के 7 प्रैक्टिकल टिप्स

घबराएं नहीं, ऐसे कई तरीके हैं जिनसे आप अपनी नौकरी सुरक्षित कर सकते हैं और छंटनी के डर से बच सकते हैं:

  • अपने कौशल को अपडेट करें: अपने कौशल पर काम करें और उन्हें बेहतर बनाना शुरू करें। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, क्लाउड (AWS, Azure) जैसी चीजों पर भी ध्यान दें। आप Udemy, Coursera, LinkedIn Learning आदि प्लेटफॉर्म से इन कौशलों को अपडेट कर सकते हैं।
  • नेटवर्किंग: लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूदा रुझानों के साथ सक्रिय रहें।
  • फ्रीलांसिंग: फ्रीलांसिंग भी शुरू कर दें। ताकि अगर किसी कारणवश आपकी नौकरी चली जाए तो आपके पास आय का एक अतिरिक्त स्रोत हो।
  • गैर-तकनीकी नौकरियां: डेटा एनालिटिक्स और प्रोडक्ट मैनेजर जैसे कुछ गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी अपने कौशल को बढ़ाएं।
  • अतिरिक्त आय का जरिया: ब्लॉगिंग, यूट्यूब आदि जैसे अन्य तरीकों से आय अर्जित करें।

भविष्य: 2026 में क्या होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार, 2026 में छंटनी से राहत मिलेगी और अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्त करेंगी जिन्हें एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डेटा साइंस, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग आदि जैसे नवीनतम रुझानों का अच्छा ज्ञान हो। ऐसे उम्मीदवारों की मांग में 30% तक की वृद्धि होगी।

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