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ICICI Pru AMG की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट से 10 मुख्य निष्कर्ष

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Wednesday, January 14, 2026

ICICI

ICICI Pru AMG का पूरा नाम ICICI Prudential Asset Management Company है, जिसने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट प्रकाशित की है। इस रिपोर्ट में कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में 45% की वृद्धि दर्ज की है, जो कि एक कंपनी के लिए बेहद प्रभावशाली वृद्धि है। आइए इस रिपोर्ट को और गहराई से समझते हैं और अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं।

ICICI Pru AMG नेट प्रॉफिट में 45% की तेजी

हाल ही में ICICI प्रूडेंशियल एएमसी ने अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी ने पिछले वर्ष की तुलना में 45% की वृद्धि दर्ज करते हुए 917 करोड़ रुपये का लाभ कमाया है। यह पिछले वर्ष के 631.84 करोड़ रुपये के लाभ से 23.48% अधिक है। परिचालन क्षमता में मजबूती और अनुकूल बाजार माहौल के कारण यह वृद्धि हुई है। पिछले नौ महीनों में यह उच्चतम लाभ है।

रेवेन्यू ग्रोथ प्रभावशाली

पिछले वर्ष के ₹1,226.66 करोड़ की तुलना में परिचालन राजस्व में 23.5% की वृद्धि हुई और यह बढ़कर ₹1,514.67 करोड़ हो गया। कुल राजस्व ₹1,623.58 करोड़ रहा। यह वृद्धि परिसंपत्ति संचय (एयूएम) और उद्योग के विस्तार दोनों को दर्शाती है।

AUM में मजबूत वृद्धि

सक्रिय रूप से प्रबंधित फंडों का QAAUM ₹9,088.89 बिलियन था, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 13.5% थी। इक्विटी योजनाओं का QAAUM ₹6,081.44 बिलियन था। हाइब्रिड और अल्टरनेटिव दोनों योजनाओं में वृद्धि देखी गई: हाइब्रिड में ₹2,084.11 बिलियन और अल्टरनेटिव में ₹752.76 बिलियन की वृद्धि हुई।

इंटरिम डिविडेंड की खुशखबरी

21 जनवरी, 2026 की रिकॉर्ड तिथि के साथ, बोर्ड ने प्रति शेयर ₹14.85 के अंतरिम लाभांश की घोषणा की। इसके परिणामस्वरूप निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।

लीडरशिप में स्थिरता

1 जुलाई, 2026 से संकट नरेन को दो साल के कार्यकाल के लिए कार्यकारी निदेशक के रूप में पुनः नियुक्त किया गया है। एंटनी जैकब को एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट्स बढ़े

दिसंबर 2025 में, मासिक एसआईपी ₹4,247 करोड़ से बढ़कर ₹5,037 करोड़ हो गई। खुदरा निवेशकों की संख्या बढ़ रही है।

नौ महीनों की मजबूत परफॉर्मेंस

वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में, राजस्व 24.4% बढ़कर ₹4,247.62 करोड़ हो गया, जबकि कुल आय में 25% की वृद्धि हुई, जो निरंतर विकास को दर्शाता है।

मार्केट शेयर मजबूत

13.5% की बाजार हिस्सेदारी के साथ, निगम विशेष रूप से इक्विटी और हाइब्रिड डिवीजनों में एक प्रमुख खिलाड़ी बना रहा।

अन्य इनकम से बूस्ट

तीसरी तिमाही में ₹108.91 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व से समग्र प्रदर्शन को मजबूती मिली, जो पिछले वर्ष के नकारात्मक ₹25.36 करोड़ के राजस्व से एक सुधार है।

फ्यूचर आउटलुक पॉजिटिव

अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और नेतृत्व क्षमता के कारण ICICI Pru AMG म्यूचुअल फंड उद्योग में अग्रणी बनने के लिए अच्छी स्थिति में है। दीर्घकालिक निवेशक अपने निवेश को बनाए रखने में सक्षम हैं।

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सोना-चांदी में रिकॉर्ड उछाल: आज के ताज़ा रेट और बढ़त की बड़ी वजह

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Saturday, April 25, 2026

सोना

सोने का भाव, सोने की कीमत में आज फिर तेजी से देखने को मिली है, और चांदी का भाव भी मौलिक कलाकार पर बन गया है। विश्वव्यापी, सुरक्षित निवेश की मांग और सराफा बाजार में दबाव ने मूल्य वृद्धि को और हवा दी है।

रिकॉर्ड तेजी क्यों दिख रही है?

सोना और चांदी दोनों की नीलामी में उछाल की सबसे बड़ी खरीदारी “सेफ-हेवन” है। जब भी दुनिया के शेयर बाजार में विपक्ष का रुख होता है, तो केंद्रीय उद्यमियों की भागीदारी को लेकर प्रतिष्ठा बढ़ती है या भू-राजनीतिक तनाव तेजी से होता है। यही कारण है कि आज सोने की कीमत को लेकर बाजार में लगातार चर्चा बनी हुई है।

इसके साथ ही डॉलर शेयरधारक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुचि की उम्मीदों का भी सीधा असर सोना के भाव पर पड़ता है। जब डॉलर में गिरावट होती है या फिर शेयरों में कटौती की संभावना बनती है, तो सोना और चांदी की बातें और आकर्षण हो जाते हैं।

आज के ताज़ा रेट का रुझान

मार्केट ट्रेंड्स के मुताबिक, सोने एक बार फिर से मजबूत हुआ है और चांदी का भाव भी मजबूत हुआ है। घरेलू बाजार में ग्लोबल इंटरनेशनल सराफा दुकानों के साथ चल रहे हैं, जबकि लागत लागत और प्रीमियम भी प्रभावित हो रहे हैं।

निवेशकों के अनुसार, स्थिर तेजी सिर्फ एक-दो दिन की चाल नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक बाजार का हिस्सा है जिसमें निवेशक से बचकर सुरक्षित विकल्प चुने जा रहे हैं। इसी वजह से कीमत में उछाल कई अलग-अलग चीजें दिख रही हैं।

सोने का प्रीमियम क्यों बढ़ रहा है?

सराफा बाजार में प्रीमियम की शर्त यह संकेत देती है कि भौतिक सोने की मांग अच्छी है, लेकिन आपूर्ति इतनी तेज नहीं है। भारत जैसे बड़े उपभोक्ता बाजार में त्योहारों, शादी-विवाह की खरीद और निवेश की मांग का सीधा असर प्रीमियम पर है।

जब आयात लागत प्रबल होती है, आपूर्ति तंग होती है, या बाजार में खरीदारी तेजी से होती है, तब सोने का प्रीमियम ऊपर चला जाता है। यही कारण है कि सोना का भाव सिर्फ वैश्विक भंडार से नहीं, बल्कि स्थानीय मांग और संस्कृत से भी होता है।

चांदी का भाव भी क्यों मजबूत है?

चांदी अब सिर्फ आभूषण या निवेश की धातु नहीं रह गई है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक उत्पादन में भी बड़े पैमाने पर होता है। इसलिए चांदी का भाव दोहरी मांग से प्रभावित होता है — निवेश और उद्योग, दोनों से।

अगर वैश्विक इंडस्ट्रियल गतिविधि तेज़ होती है, तो चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। और जब निवेशक इसे सस्ते विकल्प के रूप में देखते हैं, तब भी इसकी मांग बढ़ती है। इस समय दोनों वजहें साथ काम कर रही हैं, इसलिए चांदी का भाव भी तेजी दिखा रहा है।

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

विश्लेषकों का कहना है कि सोने और चांदी की यह तेजी हमेशा एक ही दिशा में नहीं रहेगी। कभी-कभी तेज कीमत में उछाल के बाद दावावसूली भी आती है। इसलिए खरीदारी का निर्णय सिर्फ हेडलाइन देखकर नहीं, बल्कि अपने निवेश लक्ष्य से लेना चाहिए।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना अब भी पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। वहीं चांदी का भाव अधिक वोलैटाइल होता है, इसलिए इसमें जोखिम भी ज्यादा और रिटर्न की संभावनाएं भी तेज़ रहती हैं।

क्या अभी खरीदना सही रहेगा?

यह सवाल हर निवेशक के मन में होता है, लेकिन इसका जवाब समय, उद्देश्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। अगर लक्ष्य बचत को महंगाई से बचाना है, तो सोना का भाव ट्रैक करना जरूरी है। अगर लक्ष्य तेज़ रिटर्न की उम्मीद है, तो चांदी में उतार-चढ़ाव को ध्यान से समझना होगा।

फिफ्टी शॉपिंग, गोल्ड ईटीएफ, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड या सिल्वर ईटीएफ जैसे विकल्प अलग-अलग प्रोफाइल के लिए बेहतर हो सकते हैं। लेकिन किसी भी विकल्प में प्रवेश से पहले दर की प्रवृत्ति, प्रीमियम और समग्र बाजार पर नजर रखना जरूरी है।

आगे क्या रुख रह सकता है?

निकट भविष्य में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक वैश्विक आर्थिक स्तर पर तय की गई है। अगर होटल में अवशेष बना रहता है, तो सोने की कीमत और मजबूत रह सकती है। दूसरी ओर, अगर डॉलर मजबूत होता है या बॉन्ड यील्ड ऊपर होता है, तो दबाव तेजी से बढ़ता है।

सूची चित्र यही है कि सुरक्षित निवेश की मांग, सराफा बाजार की तंगी और मूल्य वृद्धि की भावना मिलकर सोने-रेवेरिया को एनालिस्ट में रख रही है। इसलिए आने वाले दिनों में सोने का भाव और चांदी का भाव दोनों पर नवजात की पानी नजर बनी रहेगी।

निष्कर्ष

सोने का भाव, सोने की कीमत का स्थान अस्थिर नहीं है। इसके पीछे वैश्विक साम्राज्य, निवेशकों की सुरक्षा-प्रवृत्ति, सराफा बाजार के प्रीमियम और थोक खरीदारी का संयुक्त प्रभाव है। चाँदी का भाव भी इसी तरह के राक्षस में ऊपर बना हुआ है, जिससे समय यह बाजार पर नजर रखने वाले और विसर्जन – दोनों के लिए बेहद अहम बन गया है।

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