Indigo एयरलाइन भारत की सबसे लोकप्रिय एयरलाइन है और इंडियन एयरलाइंस में इसकी प्रमुख हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इसके मुनाफे में 77% की गिरावट आई और यह घटकर 549 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व में 6.2% की वृद्धि हुई। व्यवधानों और असाधारण लागतों के बावजूद, क्षमता विस्तार से हवाई किरायों पर सीमित प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
Indigo Q3 FY26 मुख्य नतीजे
Indigo को लगातार 24,472 करोड़ रुपये का लाभ हो रहा था, लेकिन दिसंबर में हुई फ्लाइट संबंधी गड़बड़ी के कारण कंपनी को 577 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और नए श्रम कानून के कारण 969 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का समायोजित लाभ 3,131 करोड़ रुपये रहा।
यात्रियों की संख्या 31.9 मिलियन तक पहुंच गई, क्षमता में 11.2% की वृद्धि हुई (45.4 बिलियन ASK), लेकिन प्रति ASK लाभ 1.8% घटकर 5.33 रुपये रह गया। सहायक राजस्व में 13.6% की वृद्धि हुई, जबकि लोड फैक्टर 84.6% रहा।
एयरफेयर पर संभावित प्रभाव
तीसरी तिमाही की रिपोर्ट में हवाई किरायों में तत्काल कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं दिखेगा, क्योंकि चौथी तिमाही में क्षमता में 10% की वृद्धि की योजना है। बढ़ी हुई आपूर्ति से मांग-आपूर्ति संतुलन बना रहेगा, जिससे हवाई टिकटों की कीमतें स्थिर या कम भी हो सकती हैं।
जनवरी 2026 में एटीएफ ईंधन की कीमतों में 7% की गिरावट आई, जिससे एयरलाइनों की लागत कम होगी और हवाई किरायों पर दबाव बढ़ेगा। घरेलू मार्गों पर इंडिगो की बाजार में अग्रणी स्थिति प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगी।
एविएशन इंडस्ट्री ट्रेंड्स और भविष्य
व्यवधानों के कारण, वित्त वर्ष 2026 में भारत में यात्री वृद्धि 0% से 3% के बीच रहने का अनुमान है। 2026 में, Indigo के 440 विमानों के बेड़े और अतिरिक्त विमानों की डिलीवरी से आपूर्ति बढ़ेगी और हवाई किराए नियंत्रित रहेंगे।
अब यह उम्मीद की जा रही है कि इंडिगो एयर की लागत में कमी आएगी, जिससे यात्रियों को लाभ होगा।





