क्या Indigo Q3 रिपोर्ट से एयरफेयर पर कोई असर पड़ेगा?

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Friday, January 23, 2026

Indigo

Indigo एयरलाइन भारत की सबसे लोकप्रिय एयरलाइन है और इंडियन एयरलाइंस में इसकी प्रमुख हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इसके मुनाफे में 77% की गिरावट आई और यह घटकर 549 करोड़ रुपये रह गया, जबकि राजस्व में 6.2% की वृद्धि हुई। व्यवधानों और असाधारण लागतों के बावजूद, क्षमता विस्तार से हवाई किरायों पर सीमित प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

Indigo Q3 FY26 मुख्य नतीजे

Indigo को लगातार 24,472 करोड़ रुपये का लाभ हो रहा था, लेकिन दिसंबर में हुई फ्लाइट संबंधी गड़बड़ी के कारण कंपनी को 577 करोड़ रुपये का घाटा हुआ और नए श्रम कानून के कारण 969 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का समायोजित लाभ 3,131 करोड़ रुपये रहा।

यात्रियों की संख्या 31.9 मिलियन तक पहुंच गई, क्षमता में 11.2% की वृद्धि हुई (45.4 बिलियन ASK), लेकिन प्रति ASK लाभ 1.8% घटकर 5.33 रुपये रह गया। सहायक राजस्व में 13.6% की वृद्धि हुई, जबकि लोड फैक्टर 84.6% रहा।

एयरफेयर पर संभावित प्रभाव

तीसरी तिमाही की रिपोर्ट में हवाई किरायों में तत्काल कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं दिखेगा, क्योंकि चौथी तिमाही में क्षमता में 10% की वृद्धि की योजना है। बढ़ी हुई आपूर्ति से मांग-आपूर्ति संतुलन बना रहेगा, जिससे हवाई टिकटों की कीमतें स्थिर या कम भी हो सकती हैं।

जनवरी 2026 में एटीएफ ईंधन की कीमतों में 7% की गिरावट आई, जिससे एयरलाइनों की लागत कम होगी और हवाई किरायों पर दबाव बढ़ेगा। घरेलू मार्गों पर इंडिगो की बाजार में अग्रणी स्थिति प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगी।

एविएशन इंडस्ट्री ट्रेंड्स और भविष्य

व्यवधानों के कारण, वित्त वर्ष 2026 में भारत में यात्री वृद्धि 0% से 3% के बीच रहने का अनुमान है। 2026 में, Indigo के 440 विमानों के बेड़े और अतिरिक्त विमानों की डिलीवरी से आपूर्ति बढ़ेगी और हवाई किराए नियंत्रित रहेंगे।

अब यह उम्मीद की जा रही है कि इंडिगो एयर की लागत में कमी आएगी, जिससे यात्रियों को लाभ होगा।

Read More

NEXT POST

अपने PF पेंशन खाते से पैसे निकालने के लिए: इन नियमों को जानें

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Sunday, January 25, 2026

EPF

यदि आप निजी या सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको PF (पेंसिल्वेनिया पेंशन) मिल रही होगी। यदि आप अपने खाते से पेंशन निकालना चाहते हैं, तो कुछ प्रक्रियाएं हैं जिनका आपको पालन करना होगा। चाहे आप निवेश कर रहे हों या ईपीएफ या पीपीएफ जैसी अन्य पेंशन योजनाओं में निवेश कर रहे हों, पेंशन निकालने के लिए कुछ सख्त नियमों का पालन करना आवश्यक है। एक छोटी सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है या आपको कर जुर्माना भरना पड़ सकता है। आइए इन चरणों को विस्तार से जानें।

NPS खाते से पैसे निकालने के मुख्य नियम क्या हैं?

ईपीएफ और पीपीएफ की तरह, एनपीएस भी भारत की सबसे आम और भरोसेमंद पेंशन योजनाओं में से एक है, जिसमें आप 60 वर्ष की आयु के बाद ही अपनी पेंशन राशि निकाल सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आप अपनी राशि निकाल सकते हैं। पीएफआरडीए (पेंशन फंड विनियमन और विकास प्राधिकरण) के अनुसार…

  • सुपरएन्यूएशन (सेवानिवृत्ति) पर निकासी: 60 साल पूरे होने पर 60% तक राशि टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं। बाकी 40% अनिवार्य रूप से एन्क्विटी में निवेश कर पेंशन खरीदनी होगी।
  • प्रीमैच्योर विदड्रॉअल (60 साल से पहले): कम से कम 3 साल का लॉक-इन पीरियड। 25% तक विदड्रॉअल की अनुमति (टियर-I अकाउंट में), लेकिन 80% एन्क्विटी पेंशन के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए।
  • आंशिक विदड्रॉअल: शिक्षा, मेडिकल, आवास या शादी जैसी 6 वजहों से अधिकतम 25% (3 बार कुल) निकाल सकते हैं। न्यूनतम 5 साल का अकाउंट होना जरूरी।

नोट: 2026 में पीएफआरडीए ने एनपीएस निकासी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जिससे यह थोड़ा आसान हो गया है।

ईपीएफ या पीएफ खाते से पैसे कैसे निकालें? नियम और शर्तें

ईपीएफ और पीएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के दो आसान और पसंदीदा विकल्प हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी पीएफ राशि निकालना चाहता है, तो इससे संबंधित सभी आवश्यक विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

  • पूर्ण निकासी: नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद या रिटायरमेंट पर। न्यूनतम 2 महीने का योगदान जरूरी।
  • आंशिक निकासी: घर खरीदना, शादी, शिक्षा या मेडिकल के लिए। उदाहरण:
उद्देश्यअधिकतम राशि/शर्तें
घर खरीदना/निर्माणकुल बैलेंस का 90% (5 साल सेवा के बाद)
मेडिकल6 महीने का बेसिक सैलरी
शिक्षा/शादी50% बैलेंस (7 साल सेवा)

पांच वर्ष से अधिक की सेवा अवधि वाले व्यक्तियों के लिए ईपीएफ कर-कटौती योग्य है। यूएमएनजी ऐप या ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पीएफ निकासी करें।

PPF खाते से विदड्रॉअल: लॉक-इन और अपवाद

PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) टैक्स-फ्री पेंशन का सुरक्षित विकल्प है, लेकिन PPF withdrawal rules सख्त हैं:

  • मैच्योरिटी: 15 साल का लॉक-इन। उसके बाद पूर्ण निकासी।
  • लोन सुविधा: 3rd से 6th साल में बैलेंस का 25% तक लोन।
  • आंशिक विदड्रॉअल: 7वें साल से शुरू, लेकिन मैच्योरिटी से 5 साल पहले अधिकतम 50%।

टिप: PPF को NPS के साथ जोड़कर इस्तेमाल करें ताकि रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत हो।

पेंशन खाते से पैसे निकालते समय ये टैक्स नियम ध्यान रखें

पेंशन निकासी टैक्स नियम बदलते रहते हैं। 2026 बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन:

  • एनपीएस: 60% कॉर्पस टैक्स-फ्री, पेंशन इनकम पर 10% TDS।
  • ईपीएफ: 5 साल सेवा पर पूरी राशि टैक्स-फ्री।
  • गलती से ज्यादा निकासी पर 10% पेनल्टी + टैक्स।

हमेशा फॉर्म 15G/H भरें अगर आय टैक्स स्लैब से नीचे हो।

स्टेप-बाय-स्टेप: पेंशन खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया

  1. डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: आधार, PAN, बैंक डिटेल्स, फॉर्म 10C/19।
  2. ऑनलाइन अप्लाई करें: NPS के लिए CRA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in), EPF के लिए EPFO (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in)।
  3. KYC वेरीफाई: e-KYC या DigiLocker से।
  4. ट्रांजेक्शन स्टेटस चेक: 7-15 दिनों में पैसा अकाउंट में।
  5. टैक्स कैलकुलेटर यूज करें: Income Tax India वेबसाइट पर।

जरूरी लिंक:

Read More

NEXT POST

Loading more posts...