IPL Valuations Drop: क्रिकेट का ग्लैमर और बिज़नेस का सच

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Wednesday, December 10, 2025

IPL

भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक भावना है। Indian Premium League (IPL) की बात करें तो यह जुनून बन जाता है। इसे भारत का सबसे बड़ा खेल आयोजन भी कहा जा सकता है, जिसे लाखों लोग देखते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ कंपनियां इसे अपने ब्रांड और उत्पादों के विज्ञापन का अवसर मानती हैं। कुछ कंपनियां तो विभिन्न टीमों को स्पॉन्सर भी करती हैं। लेकिन हाल ही में यह देखा गया है कि IPL टीमों का मूल्यांकन घट गया है। अब सवाल यह उठता है कि ऐसा क्यों हुआ? इसके पीछे कौन से प्रमुख कारण हैं? आइए इस पर चर्चा करते हैं।

IPL मूल्यांकन में गिरावट का मुख्य कारण:

कई कारकों के संयोजन के कारण 2025 में IPL के मूल्यांकन में गिरावट आई। ये कारक हैं:

1. रेडीमेड माल और अन्य उत्पादों पर विज्ञापन प्रतिबंध: फैंटेसी स्पोर्ट्स और ऑनलाइन गेमिंग विज्ञापनों पर सरकारी प्रतिबंधों ने राजस्व के एक प्रमुख स्रोत को समाप्त कर दिया, जिससे लीग, फ्रेंचाइजी और प्रसारकों की आय प्रभावित हुई।

2. मीडिया का एकीकरण (जियोस्टार): डिज्नी स्टार और वायाकॉम 18 के जियोस्टार में विलय से बोली लगाने की होड़ समाप्त हो गई, जिससे मीडिया अधिकारों के मूल्यांकन में गिरावट आई।

3. विज्ञापन बाजार में मंदी: व्यापक आर्थिक सतर्कता के कारण ब्रांडों ने विज्ञापन बजट में कटौती की, जिससे रिकॉर्ड दर्शक संख्या के बावजूद विज्ञापन खर्च कम हो गया।

4. फ्रेंचाइजी के मुनाफे पर दबाव: खिलाड़ियों के बढ़ते वेतन और परिचालन लागत, साथ ही स्थिर प्रायोजन सौदों ने फ्रेंचाइजी के मुनाफे को कम कर दिया।

5. वैश्विक क्रिकेट संतृप्ति: अन्य टी20 लीगों में वृद्धि से दर्शकों में थकान और खिलाड़ियों की उपलब्धता में कमी आई, जिससे IPL की अनूठी अपील प्रभावित हुई।

6. भू-राजनीतिक कारक: कुछ विश्लेषकों ने भू-राजनीतिक अस्थिरता को समग्र बाजार भावना को प्रभावित करने वाला कारक बताया।

प्रभाव:

  • 2025 में IPL की ब्रांड वैल्यू में लगभग 20% की गिरावट आई और यह कई वर्षों में पहली बार 10 अरब डॉलर के आंकड़े से नीचे गिर गई।
  • अधिकांश शीर्ष फ्रेंचाइजी (मिशिगन, आरसीबी, सीएसके, केकेआर) की व्यक्तिगत ब्रांड वैल्यू में भी उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।

इस गिरावट को लीग के लिए एक “संरचनात्मक पुनर्स्थापन” के रूप में देखा जा रहा है, जो तीव्र प्रतिस्पर्धा और अस्थिर विज्ञापन श्रेणियों द्वारा संचालित अतिरंजित आंकड़ों से दूर जा रहा है।

क्रिकेट की चकाचौंध बनाम व्यावसायिक वास्तविकता:

IPL भारत के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। इसकी चमक आज भी भारत में बरकरार है। बॉलीवुड अभिनेता/अभिनेत्री, विदेशी खिलाड़ी और मैच के दौरान उमड़ने वाले दर्शक इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाते हैं।

• फ्रेंचाइजी चलाना महंगा होता जा रहा है: खेल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां दिन-ब-दिन महंगी होती जा रही हैं, जैसे खिलाड़ियों की बोली, स्टेडियम का खर्च, प्रबंधन लागत आदि।

• अधिक मुनाफा कमाने का दबाव: टीमें न केवल टिकटों और मर्चेंडाइज से मुनाफा कमा रही हैं, बल्कि फ्रेंचाइजी मालिकों जैसे मुंबई इंडियंस के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए डियाजियो, ब्रॉडकास्टर्स और मीडिया पार्टनर्स, स्पॉन्सर्स और मीडिया पार्टनर्स और बीसीसीआई से भी मुनाफा कमा रही हैं।

• अनिश्चितता: एक अच्छा सीजन ब्रांड का मूल्य बढ़ाता है, लेकिन खराब प्रदर्शन ब्रांड वैल्यू को तेजी से घटा सकता है।

भविष्य का मार्ग:

  • डिजिटल मोनेटाइजेशन: OTT और सोशल मीडिया पर एक्सक्लूसिव कंटेंट से नई कमाई के रास्ते खुल सकते हैं।
  • ग्लोबल ब्रांडिंग: IPL को सिर्फ़ भारतीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए पैकेज करना होगा।
  • सस्टेनेबल मॉडल: टीमों को सिर्फ़ ग्लैमर पर नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म बिज़नेस स्ट्रेटेजी पर ध्यान देना होगा।

मानवीय दृष्टिकोण

IPL सिर्फ पैसा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह मुख्य रूप से मनोरंजन का एक माध्यम है, जहां लोग अपनी टीम और खिलाड़ियों के लिए उत्साहवर्धन करते हैं। गिरता हुआ मूल्यांकन ब्रांडों के मूल्य को कम कर सकता है, लेकिन यह टीमों और उनके खिलाड़ियों के प्रति प्रशंसकों के प्यार के मूल्य को कम नहीं कर सकता।

निष्कर्ष:

IPL की वैल्यूएशन में गिरावट एक चेतावनी है कि खेल और बिज़नेस का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है। क्रिकेट का ग्लैमर दर्शकों को जोड़ता है, लेकिन बिज़नेस की सच्चाई तय करती है कि यह शो कितने लंबे समय तक टिकेगा।

Frequently Asked Questions:

1. IPL की वैल्यूएशन क्यों गिर रही है?

IPL की वैल्यूएशन गिरने का मुख्य कारण विज्ञापन खर्च में कमी, आर्थिक मंदी और टीमों के ROI (Return on Investment) में गिरावट है।

2. क्या वैल्यूएशन गिरने से IPL का ग्लैमर कम हो जाएगा?

नहीं। IPL का ग्लैमर अब भी बरकरार है। दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों का प्रदर्शन और मनोरंजन का स्तर वैसा ही है।

3. IPL टीमों की वैल्यूएशन कैसे तय होती है?

टीमों की वैल्यूएशन स्पॉन्सरशिप, मीडिया राइट्स, टिकट बिक्री, मर्चेंडाइज़ और टीम परफ़ॉर्मेंस पर आधारित होती है।

4. क्या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स IPL की कमाई बढ़ा सकते हैं?

हाँ। OTT और सोशल मीडिया पर एक्सक्लूसिव कंटेंट से नई कमाई के रास्ते खुल सकते हैं और वैल्यूएशन को स्थिर किया जा सकता है।

5. फैंस के लिए इसका क्या मतलब है?

फैंस के लिए IPL अब भी वही रोमांचक टूर्नामेंट है। वैल्यूएशन गिरने से उनके अनुभव पर कोई असर नहीं पड़ता, बल्कि यह टीमों को और बेहतर रणनीति बनाने के लिए प्रेरित करता है।

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BCCI ने बढ़ाई Women Cricketers की फीस: अब समानता की नई शुरुआत!

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, December 23, 2025

BCCI

अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं और क्रिकेट मैच के रोमांच और उत्साह के दीवाने हैं, तो यह खबर आपके लिए है। BCCI ने Women Cricketers की दैनिक फीस बढ़ाकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम न केवल समानता की भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि महिला क्रिकेटरों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। हालांकि महिला क्रिकेट टीम पुरुष क्रिकेट टीम जितनी लोकप्रिय नहीं है, लेकिन वे अपने देश और टीम को जीत दिलाने के लिए उतना ही प्रयास करती हैं। तस्वीर में हरनाज़ कौर संधू चौके लगाती हुई और अपनी टीम के लिए खेलती हुई दिख रही हैं। अब उन्हें अपनी टीम के लिए किए गए प्रयासों का समान वेतन मिल रहा है। आइए इस निर्णय के बारे में विस्तार से जानते हैं।

हाल ही में, BCCI ने अपनी वार्षिक समीक्षा में यह पहल की है। उन्होंने भारतीय Women Cricketers की प्रति मैच फीस में 400% से 1000% तक की वृद्धि की है। पहले उन्हें प्रति मैच 1 लाख रुपये मिलते थे, अब उन्हें प्रति मैच 15 लाख रुपये मिलेंगे। एक दिवसीय मैचों के लिए उन्हें 5 से 12 लाख रुपये प्रति मैच और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए 3 से 10 लाख रुपये प्रति मैच मिलेंगे। इस बदलाव से उन्हें समानता का एहसास होगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, “यह निर्णय महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए लिया गया है और हम चाहते हैं कि सभी भारतीय लड़कियां महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना देखें।”

यह कोई अचानक बदलाव नहीं है; महिला क्रिकेट टीम ने अपनी योग्यता साबित कर दी है। उन्होंने स्मृति मंदाना की कप्तानी में 2022 में एशिया कप जीता। 2023 में (महिला क्रिकेट लीग) WPL में उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाया और पहले ही सीज़न में मुंबई इंडियंस विजेता बनी, फिर 2024 में आरसीबी ने जीत हासिल की। ​​महिला क्रिकेट टीम की इन उपलब्धियों ने BCCI का ध्यान उनकी ओर आकर्षित किया और उन्हें पुरुष क्रिकेट टीम की तरह मानने पर मजबूर कर दिया।

महिला क्रिकेट में समानता का सफर: चुनौतियां और जीत

महिला क्रिकेट टीम का सफर आसान नहीं रहा, उन्होंने कई संघर्षों का सामना किया है। पहली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का गठन 1976 में हुआ था, लेकिन शुरुआत में वे किसी का ध्यान आकर्षित नहीं कर पाईं। 41 साल बाद, 2017 में, मैथिली राज की कप्तानी में फाइनल में पहुंचकर उन्होंने सभी क्रिकेट प्रेमियों, विशेष रूप से बीबीसीसीआई का ध्यान अपनी ओर खींचा। ऐसा नहीं है कि उन्होंने समान वेतन के लिए आवाज नहीं उठाई, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हरमीत कौर और जेमीमा हर रॉदग जैसी खिलाड़ियों ने पहले भी प्रयास किए थे। आखिरकार, इतने वर्षों का अनुभव और उनका संघर्ष रंग ला रहा है।

यह बदलाव न सिर्फ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों से नई प्रतिभाओं को मैदान पर लाएगा। WPL ने पहले ही साबित कर दिया कि महिलाओं का क्रिकेट दर्शकों को खींच सकता है – पहले सीजन में 90 मिलियन से ज्यादा व्यूअर्स थे। अब फीस बढ़ने से और अधिक निवेश होगा, जिससे स्टेडियम भरे रहेंगे।

भविष्य की संभावनाएं: WPL और इंटरनेशनल क्रिकेट

बीसीसीआई के इस फैसले से मौजूदा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे अगले सीज़न में महिला क्रिकेट टीम (डब्ल्यूपीएल) के खिलाड़ियों को एक और अवसर मिलेगा, उन्हें बड़े पैकेज मिलेंगे और वे डब्ल्यूपीएल में विदेशी खिलाड़ियों को आमंत्रित कर सकेंगे। BCCI का विज़न बिल्कुल स्पष्ट है, 2030 तक वे महिला क्रिकेट टीम को पुरुष क्रिकेट टीम के बराबर लाना चाहते हैं। बीसीसीआई महिला क्रिकेट टीम के साथ-साथ अपनी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार करने जा रहा है।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

खिलाड़ियों की खुशी का ठिकाना नहीं। स्मृति मंधाना ने ट्वीट किया, “यह सपनों को हकीकत में बदलने वाला कदम है!” फैंस सोशल मीडिया पर BCCI की तारीफ कर रहे हैं। #EqualPayForWomenCricket ट्रेंड कर रहा है। हालांकि, कुछ आलोचक कहते हैं कि अभी ग्रेड A+ कॉन्ट्रैक्ट्स में भी अंतर है, लेकिन BCCI ने वादा किया है कि अगले साल इसे ठीक करेंगे।

यह बदलाव भारतीय खेल संस्कृति को बदल देगा। क्रिकेट अब सिर्फ पुरुषों का खेल नहीं, बल्कि हर लिंग का उत्सव बनेगा।

Frequently Asked Questions:

1. BCCI ने महिला क्रिकेटरों की फीस कितनी बढ़ाई है?

टेस्ट के लिए 15 लाख, ODI के लिए 12 लाख, और T20I के लिए 10 लाख रुपये। यह पुरानी फीस से 400-1000% की बढ़ोतरी है।

2. यह बदलाव कब से लागू होगा?

2025 के आगामी सीरीज से, जिसमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच शामिल हैं।

3. पुरुष और महिला फीस में अभी अंतर क्यों है?

पुरुष टेस्ट फीस 45 लाख है, लेकिन BCCI धीरे-धीरे समानता ला रहा है। अगले साल पूर्ण समानता का लक्ष्य।

4. WPL पर इसका क्या असर पड़ेगा?

WPL में खिलाड़ी सैलरी बढ़ेगी, जिससे लीग और आकर्षक बनेगी और दर्शक संख्या बढ़ेगी।

5. अन्य देशों में ऐसी समानता कब आई?

ऑस्ट्रेलिया ने 2022 में पूर्ण समानता लागू की, जिसके बाद उनकी महिला टीम विश्व विजेता बनी।

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