Kotak Mahindra Q3 रिपोर्ट: सबसे महत्वपूर्ण 10 मेट्रिक्स

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Sunday, January 25, 2026

Kotak Mahindra

हाल ही में Kotak Mahindra ने अपने सभी निवेशकों के लिए अपनी तीसरी तिमाही की रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें उन्होंने 4.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। यह रिपोर्ट बैंक की वित्तीय स्थिति, विकास और चुनौतियों पर प्रकाश डालती है। Kotak Mahindra की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के 10 प्रमुख बिंदु जो आपको अवश्य जानने चाहिए:

लाभप्रदता अनुपात (Profitability Ration):

  • शुद्ध लाभ (Net profit): पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कोटक महिंद्रा के शुद्ध लाभ में वृद्धि हुई है।
  • परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (ROA): यह मेट्रिक लगभग 1.5% रहा, जो बैंक की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को दर्शाता है।
  • इक्विटी पर प्रतिफल (ROE): लगभग 12% आरओई, जो निवेशकों के लिए आकर्षक है।

Kotak Mahindra ऋण गुणवत्ता (Loan):

  • निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA): सकल एनपीए 2.1% पर स्थिर रहा, जो वसूली में सुधार का संकेत देता है।
  • शुद्ध एनपीए (Net NPA): घटकर 0.8% हो गया, जो बेहतर जोखिम प्रबंधन को दर्शाता है।
  • ऋण लागत (Credit Cost): 0.4% पर नियंत्रित रही, जिससे भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान सीमित रहे।

विकास सूचक (Growth indicator):

  • ऋण संग्रह में वृद्धि (Loan Book Growth): खुदरा और कॉर्पोरेट दोनों क्षेत्रों में 18% वार्षिक वृद्धि।
  • जमा में वृद्धि (Deposit Growth): 15% की वृद्धि, CASA अनुपात 45% पर मजबूत बना रहा।
  • शुद्ध ब्याज आय (NII): 20% की वृद्धि, ब्याज मार्जिन 4.2% पर स्थिर रहा।

अन्य प्रमुख मेट्रिक्स (Other key Metrics):

  • पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR): 17% से अधिक, जो नियामक आवश्यकताओं से काफी ऊपर है।
  • बाजार हिस्सेदारी (Market Share): इस तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के साथ कंपनी ने शीर्ष 3 निजी बैंकिंग संस्थानों की सूची में अपनी स्थिति बरकरार रखी है।

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अपने PF पेंशन खाते से पैसे निकालने के लिए: इन नियमों को जानें

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Sunday, January 25, 2026

EPF

यदि आप निजी या सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको PF (पेंसिल्वेनिया पेंशन) मिल रही होगी। यदि आप अपने खाते से पेंशन निकालना चाहते हैं, तो कुछ प्रक्रियाएं हैं जिनका आपको पालन करना होगा। चाहे आप निवेश कर रहे हों या ईपीएफ या पीपीएफ जैसी अन्य पेंशन योजनाओं में निवेश कर रहे हों, पेंशन निकालने के लिए कुछ सख्त नियमों का पालन करना आवश्यक है। एक छोटी सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है या आपको कर जुर्माना भरना पड़ सकता है। आइए इन चरणों को विस्तार से जानें।

NPS खाते से पैसे निकालने के मुख्य नियम क्या हैं?

ईपीएफ और पीपीएफ की तरह, एनपीएस भी भारत की सबसे आम और भरोसेमंद पेंशन योजनाओं में से एक है, जिसमें आप 60 वर्ष की आयु के बाद ही अपनी पेंशन राशि निकाल सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आप अपनी राशि निकाल सकते हैं। पीएफआरडीए (पेंशन फंड विनियमन और विकास प्राधिकरण) के अनुसार…

  • सुपरएन्यूएशन (सेवानिवृत्ति) पर निकासी: 60 साल पूरे होने पर 60% तक राशि टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं। बाकी 40% अनिवार्य रूप से एन्क्विटी में निवेश कर पेंशन खरीदनी होगी।
  • प्रीमैच्योर विदड्रॉअल (60 साल से पहले): कम से कम 3 साल का लॉक-इन पीरियड। 25% तक विदड्रॉअल की अनुमति (टियर-I अकाउंट में), लेकिन 80% एन्क्विटी पेंशन के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए।
  • आंशिक विदड्रॉअल: शिक्षा, मेडिकल, आवास या शादी जैसी 6 वजहों से अधिकतम 25% (3 बार कुल) निकाल सकते हैं। न्यूनतम 5 साल का अकाउंट होना जरूरी।

नोट: 2026 में पीएफआरडीए ने एनपीएस निकासी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जिससे यह थोड़ा आसान हो गया है।

ईपीएफ या पीएफ खाते से पैसे कैसे निकालें? नियम और शर्तें

ईपीएफ और पीएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के दो आसान और पसंदीदा विकल्प हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी पीएफ राशि निकालना चाहता है, तो इससे संबंधित सभी आवश्यक विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

  • पूर्ण निकासी: नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद या रिटायरमेंट पर। न्यूनतम 2 महीने का योगदान जरूरी।
  • आंशिक निकासी: घर खरीदना, शादी, शिक्षा या मेडिकल के लिए। उदाहरण:
उद्देश्यअधिकतम राशि/शर्तें
घर खरीदना/निर्माणकुल बैलेंस का 90% (5 साल सेवा के बाद)
मेडिकल6 महीने का बेसिक सैलरी
शिक्षा/शादी50% बैलेंस (7 साल सेवा)

पांच वर्ष से अधिक की सेवा अवधि वाले व्यक्तियों के लिए ईपीएफ कर-कटौती योग्य है। यूएमएनजी ऐप या ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पीएफ निकासी करें।

PPF खाते से विदड्रॉअल: लॉक-इन और अपवाद

PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) टैक्स-फ्री पेंशन का सुरक्षित विकल्प है, लेकिन PPF withdrawal rules सख्त हैं:

  • मैच्योरिटी: 15 साल का लॉक-इन। उसके बाद पूर्ण निकासी।
  • लोन सुविधा: 3rd से 6th साल में बैलेंस का 25% तक लोन।
  • आंशिक विदड्रॉअल: 7वें साल से शुरू, लेकिन मैच्योरिटी से 5 साल पहले अधिकतम 50%।

टिप: PPF को NPS के साथ जोड़कर इस्तेमाल करें ताकि रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत हो।

पेंशन खाते से पैसे निकालते समय ये टैक्स नियम ध्यान रखें

पेंशन निकासी टैक्स नियम बदलते रहते हैं। 2026 बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन:

  • एनपीएस: 60% कॉर्पस टैक्स-फ्री, पेंशन इनकम पर 10% TDS।
  • ईपीएफ: 5 साल सेवा पर पूरी राशि टैक्स-फ्री।
  • गलती से ज्यादा निकासी पर 10% पेनल्टी + टैक्स।

हमेशा फॉर्म 15G/H भरें अगर आय टैक्स स्लैब से नीचे हो।

स्टेप-बाय-स्टेप: पेंशन खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया

  1. डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: आधार, PAN, बैंक डिटेल्स, फॉर्म 10C/19।
  2. ऑनलाइन अप्लाई करें: NPS के लिए CRA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in), EPF के लिए EPFO (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in)।
  3. KYC वेरीफाई: e-KYC या DigiLocker से।
  4. ट्रांजेक्शन स्टेटस चेक: 7-15 दिनों में पैसा अकाउंट में।
  5. टैक्स कैलकुलेटर यूज करें: Income Tax India वेबसाइट पर।

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