हाल ही में Kotak Mahindra ने अपने सभी निवेशकों के लिए अपनी तीसरी तिमाही की रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें उन्होंने 4.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है। यह रिपोर्ट बैंक की वित्तीय स्थिति, विकास और चुनौतियों पर प्रकाश डालती है। Kotak Mahindra की तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के 10 प्रमुख बिंदु जो आपको अवश्य जानने चाहिए:
लाभप्रदता अनुपात (Profitability Ration):
- शुद्ध लाभ (Net profit): पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष कोटक महिंद्रा के शुद्ध लाभ में वृद्धि हुई है।
- परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (ROA): यह मेट्रिक लगभग 1.5% रहा, जो बैंक की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग को दर्शाता है।
- इक्विटी पर प्रतिफल (ROE): लगभग 12% आरओई, जो निवेशकों के लिए आकर्षक है।
Kotak Mahindra ऋण गुणवत्ता (Loan):
- निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA): सकल एनपीए 2.1% पर स्थिर रहा, जो वसूली में सुधार का संकेत देता है।
- शुद्ध एनपीए (Net NPA): घटकर 0.8% हो गया, जो बेहतर जोखिम प्रबंधन को दर्शाता है।
- ऋण लागत (Credit Cost): 0.4% पर नियंत्रित रही, जिससे भविष्य में होने वाले संभावित नुकसान सीमित रहे।
विकास सूचक (Growth indicator):
- ऋण संग्रह में वृद्धि (Loan Book Growth): खुदरा और कॉर्पोरेट दोनों क्षेत्रों में 18% वार्षिक वृद्धि।
- जमा में वृद्धि (Deposit Growth): 15% की वृद्धि, CASA अनुपात 45% पर मजबूत बना रहा।
- शुद्ध ब्याज आय (NII): 20% की वृद्धि, ब्याज मार्जिन 4.2% पर स्थिर रहा।
अन्य प्रमुख मेट्रिक्स (Other key Metrics):
- पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CAR): 17% से अधिक, जो नियामक आवश्यकताओं से काफी ऊपर है।
- बाजार हिस्सेदारी (Market Share): इस तीसरी तिमाही की रिपोर्ट के साथ कंपनी ने शीर्ष 3 निजी बैंकिंग संस्थानों की सूची में अपनी स्थिति बरकरार रखी है।




