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Nvidia stock price में लगी आग! क्या ये निवेश का सही समय है?

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, September 2, 2025

Nvidia Share price

Nvidia stock price में उछाल: नवजात की नजरें टिकीं

अगर आप तकनीकी दुनिया से हैं या फिर शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपने एनवीडिया के बारे में जरूर सुना होगा। अगर नहीं सुना है तो हम बता दें कि ये कंपनी चिप्स डिजाइन और बेचती है। मुख्य रूप से ग्राफ़िक्स प्रक्रिया इकाइयों में डील करती है साथ ही इसका योगदान एआई में भी है। अगर हम कंपनी के स्टॉक प्राइस की बात करें तो हाल ही के दिनों में इसने अच्छा प्रदर्शन किया है। कंपनी के अच्छे प्रदर्शन करने के लिए निवेशकों के बीच में अब ये एक चर्चा का विषय है और उनका एक सामान्य प्रश्न उठ कर आ रहा है कि क्या ये निवेश का सही समय है?

Nvidia का वर्तमान शेयर मूल्य (NASDAQ: NVDA) $180.12 है। जो पिछले कुछ दिनों से 30% से ज्यादा की बढ़ोतरी पर है। लेकिन क्या ये उछाल सही है? चलिए जानते हैं कि एनवीडिया में आया हुआ ये उछाल की वजह और निवेश के आधार से क्या ये सही है?

क्या है Nvidia की कहानी: Nvidia की एआई और डेटा सेंटर की मांग

Nvidia की सफलता का जो सबसे बड़ा कारण है वो है इसका AI और Data Center का मार्केट में दबदबा। Nvidia के ग्राफिकल प्रोसेसर यूनिट (जीपीयू) आज पूरी दुनिया में डेटा सेंटर में एएल मॉडल को ट्रेन करने के लिए उपयोग में आता है। सऊदी अरब ने साल 2025 में एनवीडिया कंपनी को जीबी300 ब्लैकवेल चिप के 18000 यूनिट का ऑर्डर दिया है। जो 500 मेगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर का उपयोग करेगा।

इसके अलावा यह वर्ष 2026 तक डेटा सेंटर कॉम्प्लेक्स $1 ट्रिलियन तक पहुंच जाएगा। जो कंपनी के लिए बहुत बड़ा ग्रोथ साबित होगा।

व्यावसायिक रणनीतियाँ और भू-राजनीतिक चुनौतियाँ:

हालाँकि Nvidia एक अमेरिकन कंपनी है और हाल ही में होने वाले पॉलिटिकल एक्शन के कारण कंपनी पर भी असर पड़ा है। इसकी वजह से कंपनी को भी बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हाल में अमेरिका ने जो चीन पर टैरिफ लगाया है और उसकी वजह से जो अमेरिका और चीन के वजह से व्यापार संबंध बनाया है उसकी वजह से कंपनी को अपने एच20 चिप्स को चीन में बेचने पर रोक लगा है। जिस से एनवीडिया कंपनी को $5.5 बिलियन का चार्ज कंपनी को झेलना पड़ा। पर निविडिया कंपनी के पास इस समस्या से भी निपटने के लिए बहुत सारी रणनीतियाँ लगाई गई हैं। अब कंपनी ने अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश करना शुरू कर दिया है और साथ ही चीन के लिए नए चिप्स डिजाइन कर रही है।

अब सवाल उठता है कि क्या ये निवेशकों के लिए सही समय है निवेश करने का?

निवेश के पक्ष में तर्क:

  • AI मार्केट में लीडरशिप: Nvidia का दबदबा AI हार्डवेयर में बना हुआ है।
  • मजबूत फंडामेंटल्स: कंपनी के पास $37.6 बिलियन का कैश रिजर्व है, जो इसे आर्थिक झटकों से बचा सकता है।
  • लंबी अवधि की ग्रोथ संभावनाएं: डेटा सेंटर और AI की मांग अगले कई वर्षों तक बनी रहेगी।
  • अनुमानित EPS ग्रोथ: 2027 तक कंपनी का EPS $5.91 तक पहुंच सकता है, जिससे शेयर का वैल्यूएशन और भी आकर्षक हो जाएगा।

निवेश के खिलाफ तर्क:

  • उच्च वैल्यूएशन: Nvidia का शेयर फिलहाल 42x फॉरवर्ड PE पर ट्रेड कर रहा है, जो कुछ निवेशकों को महंगा लग सकता है।
  • चीन में व्यापारिक अनिश्चितता: अगर H20 चिप्स की बिक्री फिर से शुरू नहीं होती, तो रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।
  • मार्केट वोलैटिलिटी: Nvidia के शेयर में पिछले एक साल में 21 बार 5% से ज्यादा की मूवमेंट हुई है।

वैल्यू इन्वेस्टिंग के नजरिए से Nvidia

पिछले 20 वर्षों में एनवीडिया ने अपने स्टार्टअप को शानदार रिटर्न दिया है, और इसकी तुलना में Apple, Amazon और Microsoft जैसी अन्य टेक कंपनियां भी पीछे रह गई हैं।

इससे यह साबित होता है कि एनवीडिया सिर्फ एक ट्रेंडिंग स्टॉक नहीं है, बल्कि एक मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी है जो लंबे समय तक उपभोक्ताओं तक पहुंच बना सकती है।

सवाल यह है: खरीदारी का मौका?

हाल ही में Nvidia के शेयर में 3.5% की गिरावट आई थी, जिसका कारण था निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी है और लंबे समय के निवेशकों के लिए एक अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है।

निवेशकों के लिए सलाह

अगर आप दीर्घकालिक निवेशक हैं और तकनीकी क्षेत्र में आपका भरोसा है, तो एनवीडिया आपके पोर्टफोलियो के लिए एक मज़बूत दावेदार हो सकता है। हालाँकि, अगर आप अल्पकालिक ट्रेडिंग करना चाहते हैं, तो अस्थिरता को देखते हुए सावधानी बरतना ज़रूरी है।

निवेश करने से पहले, निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार करें:

• अपने निवेश लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें

• अपनी जोखिम सहनशीलता को समझें

• कंपनी के मूल सिद्धांतों और बाज़ार के रुझानों का विश्लेषण करें

• विविधीकरण बनाए रखें

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US Tariff hike 15%: भारत और वैश्विक व्यापार पर 2026 का प्रभाव

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, February 23, 2026

USA hike tariff 15%

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10% से बढ़ाकर 15% tariff लगा दिया है। यह बदलाव भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को प्रभावित कर सकता है, खासकर निर्यातकों के लिए।

Tariff Hike का बैकग्राउंड

फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पुराने वैश्विक tariff को असंवैधानिक घोषित कर दिया। जवाब में व्हाइट हाउस ने 20 फरवरी को नया आदेश जारी किया, जिसमें सभी आयात पर अस्थायी 15% सरचार्ज लगाया गया। भारत पहले 25-50% tariff का सामना कर रहा था, जो अब MFN ड्यूटी के अतिरिक्त 15% हो गया।

यह कदम रूस से तेल खरीदारी और ब्रिक्स गतिविधियों पर दबाव बनाने के लिए है। कुल मिलाकर, भारत पर प्रभावी tariff 11-13% रहने का अनुमान है।​

भारत पर प्रभाव

भारत के 55% निर्यात (लगभग 87 अरब डॉलर) अब मानक MFN दरों पर लौट आएंगे, लेकिन स्टील, एल्यूमीनियम (50%) और ऑटो पार्ट्स (25%) पर सेक्शन 232 tariff बरकरार हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, पेट्रोलियम जैसे 40% उत्पाद छूट प्राप्त हैं।

सेक्टरप्रभाव
स्टील-एल्यूमीनियम50% tariff जारी, निर्यात घट सकता है ​
ऑटो पार्ट्सन्यूनतम असर, शेयर स्थिर ​
फार्मा-इलेक्ट्रॉनिक्सछूट बरकरार, कोई बदलाव नहीं
टेक्सटाइलसस्ता निर्यात संभव, लेकिन ट्रेड डील पर निर्भर ​

भारत-अमेरिका अंतरिम डील अप्रैल से लागू हो सकती है, जिसमें भारत को अमेरिकी सामान पर जीरो टैरिफ  की पेशकश है।​

वैश्विक व्यापार पर असर

यूरोपीय संघ और यूके ने चेतावनी दी है कि 15% टैरिफ  से ट्रेड डील खतरे में हैं। चीन पर अतिरिक्त फेंटेनिल tariff के साथ कुल बोझ बढ़ा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिसमें 175 अरब डॉलर की रिफंड की संभावना है।

भारत को फायदा: निर्यात विविधीकरण तेज होगा, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत। आर्थिक सर्वे 2026 में कहा गया कि संरचनात्मक सुधार ट्रंप प्रभाव को कम करेंगे।​

भारतीय निर्यातकों के लिए सलाह

निर्यातक नए tariff कैलकुलेटर का उपयोग करें और SEZ छूट का लाभ लें। यूनियन बजट 2026 में श्रम-गहन सेक्टर्स के लिए ड्यूटी-फ्री आयात बढ़ाए गए। ट्रेड थिंकटैंक GTRI सलाह देता है कि डील की समीक्षा करें।

Frequently Asked Questions (FAQs):

प्रश्न 1: भारत पर 15% यूएस tariff का कितना असर पड़ेगा?

जवाब: कुल 11-13% प्रभावी दर, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स छूट प्राप्त।​

प्रश्न 2: क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द हो जाएगी?

जवाब: नहीं, अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना, लेकिन शर्तें बदल सकती हैं।​

प्रश्न 3: किन भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे?

जवाब: टेक्सटाइल, स्टील (आंशिक), लेकिन रूस तेल पेनल्टी हटने से राहत।​

प्रश्न 4: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव?

जवाब: ट्रेड फॉग बढ़ेगा, यूरोप-चीन जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

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