Planning to Work in the US? जानिए H-1B Visa Fees 2025 का पूरा Breakdown

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, September 23, 2025

H-1B Visa

अगर आप भी यूएसए में नौकरी करने का सपना देख रहे हैं तो अब आपका ये सपना थोड़ा महंगा पड़ने वाला है। क्यों कि यूएसए में नौकरी करने के लिए आपको H-1B visa की जरूरत है और हाल ही में यूएसए के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी वार्षिक फीस में बहुत बड़ा बदलाव किया है। आइए जानते हैं कि क्या है वो बारा चेंज और कैसे वो आप पर असर कर सकता है।

H-1B Visa क्या है?

H-1B वीज़ा आम तौर पर एक गैर-प्रवासी वीज़ा है जो अमेरिकी कंपनियों को दिया जा सकता है ताकि दूसरे देशों में कर्मचारियों को काम पर रखा जा सके, विशेष रूप से टेक, हेल्थकेयर, रिसर्च और हेल्थ केयर से। आम तौर पर, वीज़ा का कार्यकाल 3 साल के लिए होता है जिसे आप अधिकतम 6 साल के लिए बढ़ा सकते हैं।

H-1B Visa Fees 2025 का पूरा Breakdown

2025 में H-1B Visa फीस में काफी बदलाव हुए हैं, खासकर नए एप्लिकेशन के लिए। नीचे दिए गए चार्ट में सभी जरूरी और ऑप्शनल फीस को विस्तार से बताया गया है:

फीस का नामराशि (USD)विवरण
Registration Fee$215वीज़ा लॉटरी में एंट्री के लिए
Basic Filing Fee$780USCIS को I-129 फॉर्म प्रोसेस करने के लिए
ACWIA Training Fee$750–$1,500कंपनी के साइज पर निर्भर करता है
Fraud Prevention Fee$500वीज़ा फ्रॉड रोकने के लिए
Public Law 114-113 Fee$4,000अगर कंपनी में 50% से ज्यादा कर्मचारी H-1B या L-1 वीज़ा पर हैं
Asylum Program Fee$300–$600कंपनी के साइज पर निर्भर करता है
Premium Processing Fee$2,80515 दिन में प्रोसेसिंग के लिए ऑप्शनल फीस
New Executive Fee (2025)$100,000नए वीज़ा एप्लिकेशन के लिए, खासकर विदेश से अप्लाई करने वालों के लिए

 क्या बदल गया है 2025 में?

• H-1B Visa की वार्षिक फीस: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश से H-1B वीज़ा का आवेदन शुल्क $100,000 कर दिया गया है। यह शुल्क 21 सितंबर, 2025 से लागू हो जाएगा।

• वेतन से संबंधित नियमों में बदलाव: इन बदलावों में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि। किसी भी कंपनी को H-1B वीज़ा वाले कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों के बराबर वेतन देना होगा। इससे उन्हें बहुत वेतन मिलेगा।

• छोटे व्यवसायों पर प्रभाव: TCS, Amazon, Flipkart जैसी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को H-1B वीज़ा के लिए प्रायोजित कर सकती हैं। लेकिन जिन छोटी कंपनियों के पास इतना बजट नहीं है, वे अपने कर्मचारियों को प्रायोजित नहीं कर सकतीं, यह उनके लिए बहुत मुश्किल होगा।

कौन देता है ये फीस?

• अधिकांश मामलों में, कर्मचारी इस H-1B वीज़ा शुल्क का भुगतान करते हैं।

• प्रीमियम प्रक्रिया शुल्क इस पर निर्भर करता है कि या तो नियोक्ता इसका भुगतान करता है या कर्मचारी भी इसका भुगतान कर सकता है।

• कानूनी शुल्क: यह एक वकील द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के लिए एक अतिरिक्त शुल्क है।

 क्या करें अगर आप अप्लाई करने की सोच रहे हैं?

1. अनुमान: वीज़ा फीस के अलावा अतिरिक्त चार्ज भी कैलकुलेट कर ले जैसे की, स्टोर, सेटलमेंट और लीगल खर्च भी तय किया गया।

2. कंपनी से बात करें: अपनी कंपनी से बात कर के ये तय कर लें कि आपकी कंपनी कोन-कोन खर्चे वो आपके लिए करेगी।

3. आप्रवासन विशेषज्ञ से सलाह लें: हर मामले अलग-अलग होते हैं, इसलिए पेशेवर मार्गदर्शन जरूरी है।

निष्कर्ष: अमेरिका का सपना अब थोड़ा महंगा है

2025 में H-1B वीज़ा फीस में आए बदलावों ने अमेरिका में काम करने के रास्ते को थोड़ा मुश्किल और महंगा बना दिया है। लेकिन अगर आपके पास सही स्किल्स हैं और आप अच्छी प्लानिंग करते हैं, तो यह सपना अब भी पूरा हो सकता है।

NEXT POST

2026 Airtel Adobe Partnership: भारत में कंटेंट मार्केटिंग कैसे बदलेगी

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Saturday, January 31, 2026

Airtel

हाल ही में, Airtel और Adobe, जो अपने-अपने क्षेत्र में अग्रणी कंपनियां हैं, ने एक बड़ा कदम उठाया है। एयरटेल और एडोब की यह साझेदारी उन सभी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए मददगार साबित होगी जो अपने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए एडोब के प्रीमियम टूल्स जैसे फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और प्रीमियर प्रो का उपयोग करते हैं। अब ये सभी टूल्स एयरटेल उपयोगकर्ताओं के लिए सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। यह साझेदारी डिजिटल जुड़ाव में एक नई क्रांति लाएगी और डिजिटल इंडिया अभियान को गति प्रदान करेगी। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

Airtel Adobe Partnership के मुख्य फीचर्स

एयरटेल और एडोब की हालिया साझेदारी (जनवरी 2026) का मुख्य लक्ष्य भारत के डिजिटल क्रिएटर इकोसिस्टम को सशक्त बनाना है

इस साझेदारी की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • नि:शुल्क प्रीमियम एक्सेस: एयरटेल के लगभग 36 करोड़ मोबाइल, ब्रॉडबैंड और DTH ग्राहकों को एक साल के लिए Adobe Express Premium का सब्सक्रिप्शन मुफ्त मिलेगा, जिसकी कीमत लगभग ₹4,000 प्रति वर्ष है।
  • AI-पावर्ड टूल्स: इसमें बैकग्राउंड हटाने, कस्टम इमेज जनरेट करने (Adobe Firefly द्वारा संचालित) और एक टैप में वीडियो एडिटिंग करने जैसे आधुनिक AI फीचर्स शामिल हैं।
  • विशाल एसेट लाइब्रेरी: यूजर्स को 20 करोड़ से अधिक Adobe Stock फोटो और वीडियो, 30,000 से अधिक प्रोफेशनल फोंट्स और हज़ारों रेडी-टू-यूज़ टेम्पलेट्स का एक्सेस मिलेगा।
  • स्थानीय कंटेंट और भाषाएँ: यह प्लेटफॉर्म भारतीय त्योहारों और शादियों के लिए विशेष टेम्पलेट्स प्रदान करता है। यह हिंदी, तमिल, बंगाली और गुजराती सहित कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है।
  • क्लाउड स्टोरेज: प्रीमियम सब्सक्रिप्शन के साथ यूजर्स को अपनी फाइल्स सुरक्षित रखने और डिवाइसेस के बीच सिंक करने के लिए 100GB क्लाउड स्टोरेज मिलता है।
  • एक्टिवेशन का आसान तरीका: ग्राहक इसे बिना किसी क्रेडिट कार्ड की जानकारी दिए सीधे Airtel Thanks App के माध्यम से एक्टिवेट कर सकते हैं।

इससे मुख्य रूप से छात्रों, डिजिटल क्रिएटर्स और छोटे व्यवसायों को अपने कार्यप्रवाह को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

भारत में कंटेंट मार्केटिंग पर प्रभाव

  • SMBs के लिए: सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स कंटेंट 2x तेज़ी से तैयार, ROI बढ़ेगा।
  • मार्केट ग्रोथ: 2026 तक ₹50,000 करोड़ का कंटेंट इंडस्ट्री सेगमेंट, 30% AI एडॉप्शन।
  • लॉन्च डिटेल्स: Q2 2026 में रोलआउट, दिल्ली-मुंबई से शुरू।

लाभ और चुनौतियाँ

  • फायदे: कम लागत, ट्रेनिंग वेबिनार्स, लोकल लैंग्वेज सपोर्ट (हिंदी/तमिल)।
  • चुनौतियाँ: डेटा प्राइवेसी और 5G कवरेज पर निर्भर।

Read More

NEXT POST

Loading more posts...