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TATA ने केंद्रीय बजट 2026 में EV के लिए बजट राहत की मांग क्यों की?

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, January 19, 2026

EV

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की क्रांति में अग्रणी भूमिका निभा रही TATA Motors आगामी केंद्रीय बजट 2026 में EV के लिए बजट में राहत की पुरजोर वकालत कर रही है। TATA की प्रोत्साहन राशि की मांग महज कॉर्पोरेट लॉबिंग से कहीं अधिक है, क्योंकि नेक्सन ईवी और पंच ईवी जैसे मॉडल बिक्री के मामले में शीर्ष पर हैं। यह भारत को हरित परिवहन की ओर अग्रसर करने की एक सोची-समझी रणनीति है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और जलवायु परिवर्तन के लक्ष्यों के बीच ईवी को अपनाने में हो रही तीव्र वृद्धि के बावजूद टाटा को इस सहायता की आवश्यकता क्यों है?

बढ़ती उत्पादन लागत और वैश्विक प्रतिस्पर्धा

बैटरी और पुर्जों पर भारी आयात करों के कारण भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन अभी भी महंगा है। हालांकि टाटा ने गुजरात के सानंद स्थित संयंत्र में उत्पादन को स्थानीय स्तर पर करने के लिए अरबों डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन कोबाल्ट और लिथियम जैसे कच्चे माल की अस्थिरता के कारण लागत अधिक बनी रहती है। भारत को लक्षित कर रही टेस्ला और बीवाईडी जैसी कंपनियों के मुकाबले टाटा के किफायती इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए, बैटरी पर जीएसटी कम करने या एफएएमई-III सब्सिडी को बढ़ाने जैसी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बजट सहायता से कीमतों में भारी कमी आ सकती है।

टाटा ने अकेले 2025 में 75,000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन बेचे, जिससे उसे 70% बाजार हिस्सेदारी हासिल हुई। हालांकि, राहत उपायों के अभाव में कीमतों में वृद्धि इस गति को रोक सकती है, जिससे उपभोक्ताओं द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

भारत के EV पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना

2030 तक 30% इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की पहुंच हासिल करने के लिए टाटा की वकालत सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप है। केंद्रीय बजट 2026 में दिए गए प्रोत्साहनों से अनुसंधान एवं विकास पर कर छूट और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वित्तपोषण किया जा सकता है, जिससे रोजगार सृजित होंगे और तेल आयात में प्रति वर्ष ₹50,000 करोड़ की कमी आएगी। हाल ही में, टाटा के सीईओ शैलेश चंद्र ने सांसदों से अपील करते हुए कहा, “लक्षित राहत से लाखों लोगों के लिए ईवी एक अनिवार्य विकल्प बन जाएंगे।”

उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक परिप्रेक्ष्य

15 लाख रुपये से कम कीमत वाली इलेक्ट्रिक वाहनें कम करों के कारण खरीदारों के लिए सस्ती हो जाती हैं, जिससे पेट्रोल से चलने वाले वाहनों की तुलना में परिचालन खर्च 70% तक कम हो जाता है। यह सहायता एक तरह की दान राशि नहीं बल्कि सतत समृद्धि में निवेश है जो भारत को इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात के केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

टाटा का यह प्रयास एक महत्वपूर्ण क्षण को रेखांकित करता है क्योंकि 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026 पेश होने वाला है। क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने वादे पूरे कर पाएंगी? इससे भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ती आकांक्षाओं को गति मिल सकती है।

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Toyota Fortuner DPF समस्याओं का समाधान: बेहतर माइलेज के लिए रीजन टिप्स

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Tuesday, February 24, 2026

Toyota Fortuner DPF समस्या

Toyota Fortuner BS6 डीजल मॉडल्स में DPF (Diesel Particulate Filter) क्लॉग होना आम समस्या है, जो माइलेज को 8-10 kmpl तक गिरा देता है। यह ब्लॉग DPF रीजन, माइलेज बढ़ाने के तरीके और अन्य जरूरी टिप्स कवर करता है।​​

DPF क्या है और माइलेज पर असर?

डीपीएफ डीजल कालिख को फिल्टर करता है, लेकिन शॉर्ट ट्रिप्स में क्लॉग हो जाता है। DPF माइलेज कम करता है क्योंकि बैकप्रेशर बढ़ने से इंजन स्ट्रेस लेता है। नई फॉर्च्यूनर में भी 12-14 kmpl मिलना चाहिए, लेकिन डीपीएफ समस्या से 20% लॉस हो जाता है।​​

फॉर्च्यूनर माइलेज कम क्यों होता है?

मुख्य कारण: DPF क्लॉग, लो क्वालिटी डीजल, भारी वजन (2.2 टन), शहरी ड्राइविंग। 2.8L इंजन शहर में 9-10 kmpl देता है, हाईवे पर 14 kmpl। गलत टायर प्रेशर और ड्राइविंग स्टाइल भी 2 kmpl घटाते हैं।​

रीजन टिप्स: तेज रीजनरेशन के तरीके

हाईवे पैसिव रीजन: 70 kmph+ पर 25 मिनट लगातार चलाएं। रीजन तेज करने के लिए 2500-3000 RPM रखें, AC ऑफ।​

पार्क फोर्स्ड रीजन:

  • इंजन वार्म-अप (15 मिनट, 2000 RPM)
  • न्यूट्रल में 30-45 मिनट इडलिंग
  • OBD टूल से मॉनिटर करें

रीजन स्पीड-अप ट्रिक: 

डिफ्यूलर (AdBlue) टैंक भरा रखें, प्रीमियम डीजल यूज करें।​

रीजन प्रकारसमयRPMमाइलेज बूस्ट
पैसिव हाईवे20-30 मिनट2500++3 kmpl ​
फोर्स्ड पार्क45 मिनट2000+2-4 kmpl
सर्विस फोर्स्ड1 घंटाऑटो+4 kmpl ​

फॉर्च्यूनर माइलेज कैसे बढ़ाएं? (10+ टिप्स)

  1. प्रीमियम डीजल भरें (BPCL/IOCL XtraMile)
  2. टायर प्रेशर 38 PSI रखें (फुल लोड पर 42)
  3. हर 500 km पर हाईवे रन लें
  4. एयर फिल्टर हर 10,000 km बदलें
  5. 2000-2500 RPM पर गियर शिफ्ट करें
  6. लोड कम रखें (7-सीटर खाली न चलाएं)
  7. हेडलाइट्स LED में अपग्रेड करें (बैटरी लोड कम)

नतीजा: 10 kmpl → 14 kmpl संभव।​

माइलेज बूस्ट तरीकासुधार
डीपीएफ रीजन+3 kmpl
सही टायर प्रेशर+1.5 kmpl
प्रीमियम ईंधन+2 kmpl
हाईवे ड्राइव+4 kmpl ​

प्रिवेंटिव मेंटेनेंस: DPF लाइफ बढ़ाएं

हर 15,000 km DPF प्रेशर चेक। वार्निंग लाइट पर तुरंत रीजन करें। इंजेक्टर क्लीनिंग (₹8,000) सालाना करवाएं। DPF रिप्लेसमेंट (₹2.5 लाख) से बचें।​

Frequently Asked Questions:

डीपीएफ लाइट जलने पर क्या करें?

20 मिनट हाईवे रीजन ट्राई करें, फेल तो सर्विस जाएं।​

फॉर्च्यूनर का एवरेज कितना मिलना चाहिए?

शहर: 10-12 kmpl, हाईवे: 14-16 kmpl।​

रीजन से माइलेज कितना बढ़ेगा?

2-4 kmpl तुरंत सुधार।​

डीपीएफ हटवाना सुरक्षित है?

नहीं, PUC फेल और इंजन डैमेज।

माइलेज बूस्ट के लिए बेस्ट ईंधन?

प्रीमियम डीजल + ईथनॉल ब्लेंड।

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