यदि आप निजी या सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको PF (पेंसिल्वेनिया पेंशन) मिल रही होगी। यदि आप अपने खाते से पेंशन निकालना चाहते हैं, तो कुछ प्रक्रियाएं हैं जिनका आपको पालन करना होगा। चाहे आप निवेश कर रहे हों या ईपीएफ या पीपीएफ जैसी अन्य पेंशन योजनाओं में निवेश कर रहे हों, पेंशन निकालने के लिए कुछ सख्त नियमों का पालन करना आवश्यक है। एक छोटी सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है या आपको कर जुर्माना भरना पड़ सकता है। आइए इन चरणों को विस्तार से जानें।
NPS खाते से पैसे निकालने के मुख्य नियम क्या हैं?
ईपीएफ और पीपीएफ की तरह, एनपीएस भी भारत की सबसे आम और भरोसेमंद पेंशन योजनाओं में से एक है, जिसमें आप 60 वर्ष की आयु के बाद ही अपनी पेंशन राशि निकाल सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आप अपनी राशि निकाल सकते हैं। पीएफआरडीए (पेंशन फंड विनियमन और विकास प्राधिकरण) के अनुसार…
- सुपरएन्यूएशन (सेवानिवृत्ति) पर निकासी: 60 साल पूरे होने पर 60% तक राशि टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं। बाकी 40% अनिवार्य रूप से एन्क्विटी में निवेश कर पेंशन खरीदनी होगी।
- प्रीमैच्योर विदड्रॉअल (60 साल से पहले): कम से कम 3 साल का लॉक-इन पीरियड। 25% तक विदड्रॉअल की अनुमति (टियर-I अकाउंट में), लेकिन 80% एन्क्विटी पेंशन के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए।
- आंशिक विदड्रॉअल: शिक्षा, मेडिकल, आवास या शादी जैसी 6 वजहों से अधिकतम 25% (3 बार कुल) निकाल सकते हैं। न्यूनतम 5 साल का अकाउंट होना जरूरी।
नोट: 2026 में पीएफआरडीए ने एनपीएस निकासी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जिससे यह थोड़ा आसान हो गया है।
ईपीएफ या पीएफ खाते से पैसे कैसे निकालें? नियम और शर्तें
ईपीएफ और पीएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के दो आसान और पसंदीदा विकल्प हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी पीएफ राशि निकालना चाहता है, तो इससे संबंधित सभी आवश्यक विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
- पूर्ण निकासी: नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद या रिटायरमेंट पर। न्यूनतम 2 महीने का योगदान जरूरी।
- आंशिक निकासी: घर खरीदना, शादी, शिक्षा या मेडिकल के लिए। उदाहरण:
| उद्देश्य | अधिकतम राशि/शर्तें |
| घर खरीदना/निर्माण | कुल बैलेंस का 90% (5 साल सेवा के बाद) |
| मेडिकल | 6 महीने का बेसिक सैलरी |
| शिक्षा/शादी | 50% बैलेंस (7 साल सेवा) |
पांच वर्ष से अधिक की सेवा अवधि वाले व्यक्तियों के लिए ईपीएफ कर-कटौती योग्य है। यूएमएनजी ऐप या ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पीएफ निकासी करें।
PPF खाते से विदड्रॉअल: लॉक-इन और अपवाद
PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) टैक्स-फ्री पेंशन का सुरक्षित विकल्प है, लेकिन PPF withdrawal rules सख्त हैं:
- मैच्योरिटी: 15 साल का लॉक-इन। उसके बाद पूर्ण निकासी।
- लोन सुविधा: 3rd से 6th साल में बैलेंस का 25% तक लोन।
- आंशिक विदड्रॉअल: 7वें साल से शुरू, लेकिन मैच्योरिटी से 5 साल पहले अधिकतम 50%।
टिप: PPF को NPS के साथ जोड़कर इस्तेमाल करें ताकि रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत हो।
पेंशन खाते से पैसे निकालते समय ये टैक्स नियम ध्यान रखें
पेंशन निकासी टैक्स नियम बदलते रहते हैं। 2026 बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन:
- एनपीएस: 60% कॉर्पस टैक्स-फ्री, पेंशन इनकम पर 10% TDS।
- ईपीएफ: 5 साल सेवा पर पूरी राशि टैक्स-फ्री।
- गलती से ज्यादा निकासी पर 10% पेनल्टी + टैक्स।
हमेशा फॉर्म 15G/H भरें अगर आय टैक्स स्लैब से नीचे हो।
स्टेप-बाय-स्टेप: पेंशन खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया
- डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: आधार, PAN, बैंक डिटेल्स, फॉर्म 10C/19।
- ऑनलाइन अप्लाई करें: NPS के लिए CRA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in), EPF के लिए EPFO (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in)।
- KYC वेरीफाई: e-KYC या DigiLocker से।
- ट्रांजेक्शन स्टेटस चेक: 7-15 दिनों में पैसा अकाउंट में।
- टैक्स कैलकुलेटर यूज करें: Income Tax India वेबसाइट पर।
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