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अपने PF पेंशन खाते से पैसे निकालने के लिए: इन नियमों को जानें

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Sunday, January 25, 2026

EPF

यदि आप निजी या सरकारी कर्मचारी हैं, तो आपको PF (पेंसिल्वेनिया पेंशन) मिल रही होगी। यदि आप अपने खाते से पेंशन निकालना चाहते हैं, तो कुछ प्रक्रियाएं हैं जिनका आपको पालन करना होगा। चाहे आप निवेश कर रहे हों या ईपीएफ या पीपीएफ जैसी अन्य पेंशन योजनाओं में निवेश कर रहे हों, पेंशन निकालने के लिए कुछ सख्त नियमों का पालन करना आवश्यक है। एक छोटी सी गलती भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकती है या आपको कर जुर्माना भरना पड़ सकता है। आइए इन चरणों को विस्तार से जानें।

NPS खाते से पैसे निकालने के मुख्य नियम क्या हैं?

ईपीएफ और पीपीएफ की तरह, एनपीएस भी भारत की सबसे आम और भरोसेमंद पेंशन योजनाओं में से एक है, जिसमें आप 60 वर्ष की आयु के बाद ही अपनी पेंशन राशि निकाल सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में आप अपनी राशि निकाल सकते हैं। पीएफआरडीए (पेंशन फंड विनियमन और विकास प्राधिकरण) के अनुसार…

  • सुपरएन्यूएशन (सेवानिवृत्ति) पर निकासी: 60 साल पूरे होने पर 60% तक राशि टैक्स-फ्री निकाल सकते हैं। बाकी 40% अनिवार्य रूप से एन्क्विटी में निवेश कर पेंशन खरीदनी होगी।
  • प्रीमैच्योर विदड्रॉअल (60 साल से पहले): कम से कम 3 साल का लॉक-इन पीरियड। 25% तक विदड्रॉअल की अनुमति (टियर-I अकाउंट में), लेकिन 80% एन्क्विटी पेंशन के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए।
  • आंशिक विदड्रॉअल: शिक्षा, मेडिकल, आवास या शादी जैसी 6 वजहों से अधिकतम 25% (3 बार कुल) निकाल सकते हैं। न्यूनतम 5 साल का अकाउंट होना जरूरी।

नोट: 2026 में पीएफआरडीए ने एनपीएस निकासी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं जिससे यह थोड़ा आसान हो गया है।

ईपीएफ या पीएफ खाते से पैसे कैसे निकालें? नियम और शर्तें

ईपीएफ और पीएफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के दो आसान और पसंदीदा विकल्प हैं। यदि कोई व्यक्ति अपनी पीएफ राशि निकालना चाहता है, तो इससे संबंधित सभी आवश्यक विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

  • पूर्ण निकासी: नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद या रिटायरमेंट पर। न्यूनतम 2 महीने का योगदान जरूरी।
  • आंशिक निकासी: घर खरीदना, शादी, शिक्षा या मेडिकल के लिए। उदाहरण:
उद्देश्यअधिकतम राशि/शर्तें
घर खरीदना/निर्माणकुल बैलेंस का 90% (5 साल सेवा के बाद)
मेडिकल6 महीने का बेसिक सैलरी
शिक्षा/शादी50% बैलेंस (7 साल सेवा)

पांच वर्ष से अधिक की सेवा अवधि वाले व्यक्तियों के लिए ईपीएफ कर-कटौती योग्य है। यूएमएनजी ऐप या ईपीएफओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पीएफ निकासी करें।

PPF खाते से विदड्रॉअल: लॉक-इन और अपवाद

PPF (पब्लिक प्रॉविडेंट फंड) टैक्स-फ्री पेंशन का सुरक्षित विकल्प है, लेकिन PPF withdrawal rules सख्त हैं:

  • मैच्योरिटी: 15 साल का लॉक-इन। उसके बाद पूर्ण निकासी।
  • लोन सुविधा: 3rd से 6th साल में बैलेंस का 25% तक लोन।
  • आंशिक विदड्रॉअल: 7वें साल से शुरू, लेकिन मैच्योरिटी से 5 साल पहले अधिकतम 50%।

टिप: PPF को NPS के साथ जोड़कर इस्तेमाल करें ताकि रिटायरमेंट प्लानिंग मजबूत हो।

पेंशन खाते से पैसे निकालते समय ये टैक्स नियम ध्यान रखें

पेंशन निकासी टैक्स नियम बदलते रहते हैं। 2026 बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन:

  • एनपीएस: 60% कॉर्पस टैक्स-फ्री, पेंशन इनकम पर 10% TDS।
  • ईपीएफ: 5 साल सेवा पर पूरी राशि टैक्स-फ्री।
  • गलती से ज्यादा निकासी पर 10% पेनल्टी + टैक्स।

हमेशा फॉर्म 15G/H भरें अगर आय टैक्स स्लैब से नीचे हो।

स्टेप-बाय-स्टेप: पेंशन खाते से पैसे निकालने की प्रक्रिया

  1. डॉक्यूमेंट्स तैयार करें: आधार, PAN, बैंक डिटेल्स, फॉर्म 10C/19।
  2. ऑनलाइन अप्लाई करें: NPS के लिए CRA पोर्टल (npscra.nsdl.co.in), EPF के लिए EPFO (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in)।
  3. KYC वेरीफाई: e-KYC या DigiLocker से।
  4. ट्रांजेक्शन स्टेटस चेक: 7-15 दिनों में पैसा अकाउंट में।
  5. टैक्स कैलकुलेटर यूज करें: Income Tax India वेबसाइट पर।

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US Tariff hike 15%: भारत और वैश्विक व्यापार पर 2026 का प्रभाव

EDITED BY: Sanjeet

UPDATED: Monday, February 23, 2026

USA hike tariff 15%

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सभी देशों पर 10% से बढ़ाकर 15% tariff लगा दिया है। यह बदलाव भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को प्रभावित कर सकता है, खासकर निर्यातकों के लिए।

Tariff Hike का बैकग्राउंड

फरवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के पुराने वैश्विक tariff को असंवैधानिक घोषित कर दिया। जवाब में व्हाइट हाउस ने 20 फरवरी को नया आदेश जारी किया, जिसमें सभी आयात पर अस्थायी 15% सरचार्ज लगाया गया। भारत पहले 25-50% tariff का सामना कर रहा था, जो अब MFN ड्यूटी के अतिरिक्त 15% हो गया।

यह कदम रूस से तेल खरीदारी और ब्रिक्स गतिविधियों पर दबाव बनाने के लिए है। कुल मिलाकर, भारत पर प्रभावी tariff 11-13% रहने का अनुमान है।​

भारत पर प्रभाव

भारत के 55% निर्यात (लगभग 87 अरब डॉलर) अब मानक MFN दरों पर लौट आएंगे, लेकिन स्टील, एल्यूमीनियम (50%) और ऑटो पार्ट्स (25%) पर सेक्शन 232 tariff बरकरार हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, पेट्रोलियम जैसे 40% उत्पाद छूट प्राप्त हैं।

सेक्टरप्रभाव
स्टील-एल्यूमीनियम50% tariff जारी, निर्यात घट सकता है ​
ऑटो पार्ट्सन्यूनतम असर, शेयर स्थिर ​
फार्मा-इलेक्ट्रॉनिक्सछूट बरकरार, कोई बदलाव नहीं
टेक्सटाइलसस्ता निर्यात संभव, लेकिन ट्रेड डील पर निर्भर ​

भारत-अमेरिका अंतरिम डील अप्रैल से लागू हो सकती है, जिसमें भारत को अमेरिकी सामान पर जीरो टैरिफ  की पेशकश है।​

वैश्विक व्यापार पर असर

यूरोपीय संघ और यूके ने चेतावनी दी है कि 15% टैरिफ  से ट्रेड डील खतरे में हैं। चीन पर अतिरिक्त फेंटेनिल tariff के साथ कुल बोझ बढ़ा। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है, जिसमें 175 अरब डॉलर की रिफंड की संभावना है।

भारत को फायदा: निर्यात विविधीकरण तेज होगा, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत। आर्थिक सर्वे 2026 में कहा गया कि संरचनात्मक सुधार ट्रंप प्रभाव को कम करेंगे।​

भारतीय निर्यातकों के लिए सलाह

निर्यातक नए tariff कैलकुलेटर का उपयोग करें और SEZ छूट का लाभ लें। यूनियन बजट 2026 में श्रम-गहन सेक्टर्स के लिए ड्यूटी-फ्री आयात बढ़ाए गए। ट्रेड थिंकटैंक GTRI सलाह देता है कि डील की समीक्षा करें।

Frequently Asked Questions (FAQs):

प्रश्न 1: भारत पर 15% यूएस tariff का कितना असर पड़ेगा?

जवाब: कुल 11-13% प्रभावी दर, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स छूट प्राप्त।​

प्रश्न 2: क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द हो जाएगी?

जवाब: नहीं, अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना, लेकिन शर्तें बदल सकती हैं।​

प्रश्न 3: किन भारतीय उत्पाद सस्ते होंगे?

जवाब: टेक्सटाइल, स्टील (आंशिक), लेकिन रूस तेल पेनल्टी हटने से राहत।​

प्रश्न 4: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव?

जवाब: ट्रेड फॉग बढ़ेगा, यूरोप-चीन जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।

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