पिछले कुछ वर्षों में एसयूवी और लग्जरी कारों का बाजार तेजी से बढ़ा है। जी-वैगन और डिफेंडर जैसी कारें कार प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। कुछ दिनों पहले तक Mercedes Benz की कारें आयात की जाती थीं, लेकिन अब मर्सिडीज ने अपनी एसयूवी और मर्सिडीज Maybeach GLS का उत्पादन भारत में करने का फैसला किया है। यह कई मायनों में हमारे लिए फायदेमंद साबित होगा, आइए इसके बारे में और अधिक जानें।
भारत में Maybeach GLS का लोकल प्रोडक्शन: क्या बदलेगा?
भारत में Maybach GLS का स्थानीय उत्पादन होने से इसकी कीमत में काफी कमी आई है (लगभग 40-42 लाख रुपये), प्रतीक्षा अवधि कम हुई है और इसकी उपलब्धता बढ़ी है। कीमत लगभग 3.17 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 2.75 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है। इसके साथ ही, भारत अमेरिका के बाहर पहला ऐसा बाजार बन गया है जहां इसका स्थानीय स्तर पर उत्पादन हो रहा है। मर्सिडीज-बेंज भारत में अल्ट्रा-लक्जरी मॉडलों की बढ़ती मांग का लाभ उठा रही है।
यहां बदलाव इस प्रकार हैं:
• कीमत में कमी
• उपलब्धता में वृद्धि
• प्रतीक्षा अवधि में कमी
• रणनीतिक महत्व
• नए संस्करण
Maybeach GLS की कीमत पर क्या असर पड़ेगा?
स्थानीय उत्पादन से इसकी कीमत में काफी कमी आती है, जिससे आयात शुल्क से जुड़ी लागतों में कटौती करके इसे अधिक सुलभ बनाया जा सकता है। हाल ही में लॉन्च किए गए उत्पादों की कीमतों में 40 लाख रुपये से अधिक की गिरावट देखी गई है, जिससे उपलब्धता में सुधार हुआ है और एक प्रमुख लक्जरी बाजार के रूप में भारत की स्थिति मजबूत हुई है।
प्रमुख प्रभाव:
• कीमतों में भारी गिरावट
• बढ़ी हुई पहुंच
• मेक इन इंडिया के लाभ
• रणनीतिक बाजार महत्व
आगे क्या उम्मीद की जा सकती है?
मर्सिडीज का यह साहसिक कदम न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि भविष्य में यह लग्जरी कार ब्रांडों को भारत में अपनी कारों का उत्पादन करने के लिए आकर्षित करेगा।
- और ज्यादा लक्ज़री मॉडलों की लोकल असेंबली
- बेहतर फाइनेंसिंग और लीज़ विकल्प
- और संभवतः इस सेगमेंट में ज़्यादा कॉम्पिटिशन और बेहतर प्राइसिंग देख सकते हैं।





