यदि आप सड़क पर हैं और अपना वाहन चला रहे हैं, तो सभी यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है। यह केवल आपकी सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। यदि आप किसी भी यातायात नियम का उल्लंघन करते हैं, तो आपको आरटीओ से एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से ई-चालान प्राप्त होगा।
आपको अक्सर एक रिमाइंडर मैसेज मिल सकता है जिसमें बताया गया होगा कि आपका e-challan लंबित है और यदि आप xx-xx-xxxx तारीख से पहले भुगतान नहीं करते हैं तो 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा। उस मैसेज में एक वेबसाइट का लिंक भी होगा जहां आपको चालान का भुगतान करने के लिए कहा जाएगा। यह वेबसाइट आपके लिए एक जाल हो सकती है। आजकल स्कैमर भोले-भाले लोगों को ठगने के लिए इसी तरह की चाल का इस्तेमाल कर रहे हैं। हर दिन लाखों लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। यह वेबसाइट e-challan की न्यूनतम राशि दिखाती है और जब आप अपने बैंक या कार्ड की जानकारी का उपयोग करके भुगतान करते हैं, तो वे आपकी जानकारी चुरा लेते हैं और आपके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। आइए इसके बारे में थोड़ा और जानें।
फर्जी RTO e-challan स्कैम क्या है?
फर्जी आरटीओ ई-चालान एक साइबर घोटाला है जिसमें स्कैमर आरटीओ वेबसाइट जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाते हैं। फिर वे एसएमएस, व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए आपसे संपर्क करते हैं। उस संदेश में वे कुछ अर्जेंसी दिखाते हैं ताकि आप घबराकर उनकी वेबसाइट पर जाएं और भुगतान कर दें। 2025-26 में हमारी साइबर सुरक्षा टीम ने 10 लाख से अधिक मामले दर्ज किए हैं। ये पंजीकृत मामलों की संख्या है। कुछ मामले ऐसे भी हैं जो दर्ज नहीं किए गए हैं। वे ई-चालान की छोटी रकम दिखाकर कार्ड की डिटेल्स चुरा लेते हैं और इन डिटेल्स का इस्तेमाल करके हमारे बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं।
फर्जी RTO ई-चालान साइट्स कैसे पहचानें? 7 लाल झंडे
धोखाधड़ी करने वालों से सावधान रहें। आरटीओ ई-चाल्ला के नाम पर धोखाधड़ी से बचने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं।
- URL चेक करें: असली साइट parivahan.gov.in या echallan.parivahan.gov.in होती है। फर्जी साइट्स में ‘e’ या ‘rt0’ जैसा स्पेलिंग मिस्टेक होता है, जैसे echalaan.co.in।
- SMS/मैसेज से आया लिंक: RTO कभी SMS से पेमेंट लिंक नहीं भेजता।
- छोटा जुर्माना + जल्दबाजी: “₹100 अभी पे करें वरना दोगुना” – ये ट्रिक है।
- खराब डिजाइन: ग्रामर एरर, लो-क्वालिटी लोगो, HTTPS नहीं।
- कार्ड डिटेल सीधे मांगना: असली साइट UPI या नेट बैंकिंग प्राथमिकता देती है।
- अज्ञात नंबर: +91 से शुरू लेकिन विदेशी IP।
- वाहन डिटेल गलत: चालान नंबर या वाहन नंबर मैच न करे।
असली RTO ई-चालान कैसे चेक करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
फर्जी आरटीओ ई-चालान वेबसाइटों से घबराएं नहीं। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अपना असली चालान जांच सकते हैं:
- आधिकारिक साइट खोलें: ब्राउजर में सीधे parivahan.gov.in या echallan.parivahan.gov.in टाइप करें। लिंक कॉपी न करें।
- वाहन डिटेल एंटर करें: वाहन नंबर, चालान नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें।
- CAPTCHA सॉल्व करें: रीयल साइट में हमेशा होता है।
- चालान देखें: डिटेल्स मैच करें, पेमेंट गेटवे SBI या ICICI का हो।
- मोबाइल ऐप यूज करें: mParivahan ऐप डाउनलोड करें (Google Play से)।
- टोल-फ्री नंबर: 1800-120-8040 पर कॉल करें वेरिफाई करने को।
टिप: चालान पेमेंट के बाद रसीद डाउनलोड रखें। UPI से पेमेंट करें, कार्ड अवॉइड करें।
फर्जी आरटीओ ई-चालान वेबसाइटों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई:
यदि आपके कार्ड की जानकारी चोरी हो गई है, तो निम्नलिखित कदम उठाने आवश्यक हैं:
- बैंक को सूचित करें: तुरंत कार्ड ब्लॉक करवाएं (टोल-फ्री नंबर डायल करें)।
- साइबर सेल शिकायत: cybercrime.gov.in पर FIR दर्ज करें। 1930 पर कॉल।
- पुलिस स्टेशन जाएं: लोकल थाने में कंप्लेंट फाइल करें।
- RTO से संपर्क: स्थानीय RTO ऑफिस में चालान वेरिफाई करवाएं।
- ऐप्स ब्लॉक करें: SMS ब्लॉकिंग ऐप्स जैसे Truecaller यूज करें।
मैं धोखाधड़ी से खुद को कैसे बचा सकता हूँ? बचाव के उपाय
यहां कुछ बचाव के सुझाव दिए गए हैं जिनकी मदद से आप धोखाधड़ी से खुद को बचा सकते हैं।
- हमेशा आधिकारिक ऐप/साइट यूज करें।
- अनजान लिंक न क्लिक करें – डायरेक्ट सर्च करें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन रखें।
- एंटीवायरस ऐप इंस्टॉल करें (Quick Heal या Kaspersky)।
- फैमिली को एजुकेट करें – खासकर बुजुर्गों को।
- नियमित चालान चेक: महीने में एक बार parivahan.gov.in देखें।





