आर्थिक चुनौतियों और उद्योग में आए बदलावों के मद्देनज़र, भारत के अग्रणी एडटेक प्लेटफॉर्म Unacademy ने डिजिटल लर्निंग की ओर पूरी तरह से अग्रसर होने के लिए अपने सभी ऑफलाइन केंद्र बंद कर दिए हैं। UPSC, JEE, NEET और अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों के लिए यह साहसिक कदम उनकी कार्यप्रणाली को सरल बना देगा।
कठिन समय में Unacademy लागत में कटौती कर रही है
महामारी के बाद, भौतिक सुविधाओं के लिए उच्च कर्मचारी और किराये की लागत के कारण Unacademy की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ा। कंपनी देश भर में ऑफ़लाइन सुविधाओं को बंद करके प्रति वर्ष करोड़ों रुपये बचाती है। इस बचत का उपयोग लाइव कक्षाओं और ऐप-आधारित पाठ्यक्रमों को बेहतर बनाने और उनकी वृद्धि को गति देने के लिए किया जाता है।
हाइब्रिड लर्निंग की मांग में वृद्धि
2025 में शिक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में आई मंदी के बाद, छात्र सख्त ऑफलाइन समय-सारणी के बजाय लचीली ऑनलाइन पहुंच को प्राथमिकता दे रहे हैं। चूंकि 90% ग्राहक डिजिटल प्लेटफॉर्म चुन रहे हैं, इसलिए भारत के डिजिटल इंडिया अभियान और दूरस्थ शिक्षा के बढ़ते चलन के अनुरूप, Unacademy के ऑफलाइन केंद्रों में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।
मुख्य शक्तियों पर रणनीतिक ध्यान केंद्रित करना
इस रुकावट के चलते अब Unacademy एआई-आधारित संदेह-समाधान और UPSC 2026 की अनुकूलित रणनीतियों जैसी तकनीकी प्रगति पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकता है। शिक्षक अब पूरी तरह से ऑनलाइन हैं, जिससे वे स्थान की परवाह किए बिना ग्रामीण छात्रों तक पहुंच रहे हैं, जिससे सब्सक्राइबर वृद्धि और जुड़ाव में वृद्धि हो रही है।




